10 बजे से परेशान रहे वृद्ध, तीन घंटे बाद पहुंचे ऑडिटर

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10 बजे से परेशान रहे वृद्ध, तीन घंटे बाद पहुंचे ऑडिटर

दिघारी पंचायत में वृद्धावस्था पेंशन ऑडिट कैंप निर्धारित समय से तीन घंटे देर से शुरू होने के कारण बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। पंचायत भवन में सुबह 10 बजे शुरू होने वाला कार्य ऑडिटर के नहीं आने से लटकी रही, जिससे वृद्ध महिला-पुरुष भूखे-प्यासे इंतजार करते रहे। स्थिति बिगड़ने पर मुखिया बबलू किस्कू ने डीसी को जानकारी दी, तब जाकर ऑडिटर रवि कुमार और मनजीत कुमार पहुंचे। बुजुर्गों ने देरी पर नाराजगी जताई और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। मुखिया ने कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि वृद्धजन बीमार व कमजोर हैं और समय का पालन जरूरी था।

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दिघारी पंचायत में पेंशन ऑडिट का निर्धारित था कार्यक्रम प्रतिनिधि, नारायणपुर. दिघारी पंचायत में बुधवार को निर्धारित वृद्धावस्था पेंशन ऑडिट कैंप में अव्यवस्था से बुजुर्गों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. पंचायत भवन में सुबह 10 बजे से ऑडिट का काम शुरू होना था. पंचायत क्षेत्र के दूर-दराज के गांवों से पंचायत भवन पहुंचकर वृद्ध महिला-पुरुष बड़ी संख्या में सुबह 9.30 बजे से ही कतार में लगे हुए थे. लेकिन दोपहर एक बजे तक ऑडिटर का कोई अता-पता नहीं था. लगभग तीन घंटे से पेंशन के सत्यापन के लिए पहुंचे बुजुर्गों में भूख-प्यास से व्याकुलता बढ़ने लगी और वे अव्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करने लगे. स्थिति बिगड़ती देख पंचायत के मुखिया बबलू किस्कू ने इसकी जानकारी डीसी रवि आनंद को फोन पर दी और बुजुर्गों की परेशानी से अवगत कराया. इसके बाद ऑडिटर रवि कुमार और मनजीत कुमार पंचायत भवन पहुंचे. वृद्धजनों ने तीन घंटे की देरी पर नाराजगी जतायी. पूछे जाने पर ऑडिट टीम ने वाहन खराब होने का कारण बताया. घंटों इंतजार के कारण बिगड़ी तबीयत: मनोज रक्षित 80 वर्षीय मनोज रक्षित ने बताया कि वे सुबह ही पहुंच गये थे, लेकिन घंटों इंतजार के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गयी. वहीं 65 वर्षीय सेहरा बीबी ने कहा कि उम्र और बीमारी को देखते हुए समय का पालन आवश्यक था, लेकिन मनमानी से काफी परेशानी हुई. 73 वर्षीय फरीजन बीबी ने कहा कि जिला प्रशासन को ऐसे लापरवाह ऑडिटरों पर कार्रवाई करनी चाहिए. 72 वर्षीय हनीफ मियां ने कहा कि तीन घंटे देर से पहुंचना वृद्धजनों की तकलीफ के साथ खिलवाड़ है. मुखिया ने जतायी नाराजगी दिघारी पंचायत के मुखिया बबलू किस्कू ने कहा कि 10 बजे ऑडिट होना था, लेकिन ऑडिटर 1 बजे पहुंचे. बीमार और वृद्ध लोग लाइन में भूखे-प्यासे परेशान खड़े रहे. उन्होंने जिला प्रशासन से ऐसे लापरवाह ऑडिट कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. बबलू किस्कू, मुखिया, दिघारी पंचायत

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Jiyaram Murmu

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