रोजगार सेवक के नदारद रहने से मनरेगा कार्य प्रभावित

नारायणपुर. नारोडीह पंचायत के रोजगार सेवक मो शाहिद अक्सर अपने पंचायत से लंबे समय तक गायब रहते हैं.
नारायणपुर. नारोडीह पंचायत के रोजगार सेवक मो शाहिद अक्सर अपने पंचायत से लंबे समय तक गायब रहते हैं. कभी पारिवारिक समस्या सुना कर तो कभी त्योहार के बहाने पंचायत मुख्यालय से अपने पैतृक निवास गोड्डा जिला चले जाते हैं और एक-दो दिन के लिए नहीं कभी एक सप्ताह तो कभी दो सप्ताह के लिए. उनके इस उदासीन रवैया के कारण पंचायत का कार्य भी प्रगति धीमा हो जाता है. हालांकि रोजगार सेवक मो शाहिद की चतुराई पंचायत में दिखती है. वह अपना मोबाइल किसी विश्वसनीय बिचौलिए को देकर चले जाते हैं, ताकि जिओ टैगिंग का कार्य चलता रहे और मजदूरों का डिमांड आदि का कार्य भी ऑपरेटर के सहयोग से होता रहे. ऐसा खेल उक्त पंचायत में रोजगार सेवक चलाते हैं. ज्ञात हो रोजगार सेवक मो शाहिद 19 जून से ही बाहर हैं. क्या कहते हैं बीडीओ बीडीओ ने बताया ब्लॉक के वॉट्सएप ग्रुप में रोजगार सेवक के द्वारा छुट्टी लेने का आवेदन दिया गया है. इस माह में उनका मानदेय काटकर बनाया जाएगा. साथ ही जिओ टैगिंग मामले की जांच होगी. -मुरली यादव, बीडीओ
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