जामताड़ा. समाहरणालय सभागार में समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण विभाग के तहत किए जा रहे कार्यों को लेकर बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता डीसी कुमुद सहाय ने की. सामाजिक सुरक्षा के तहत झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत मार्च तक के पेंशन भुगतान की जानकारी ली. बताया कि कुल 1 लाख 26 हजार 855 लाभुकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से तीन महीने की राशि एकमुश्त भेजी जा चुकी है. डीसी ने अधिकारियों को योग्य एवं अहर्ताधारी लाभुकों को योजना से आच्छादित करने का निर्देश दिया. वहीं आधार गैप एवं अन्य बिंदुओं पर बैंकों के असहयोग एवं लापरवाही बरतने, एलडीएम के बैठक से अनुपस्थित रहने एवं उनके स्थान पर आए प्रतिनिधि की ओर से अपर्याप्त जानकारी एवं बिना रिपोर्ट के बैठक में रहने के कारण डीसी ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने एलडीएम के विरुद्ध शिकायत उच्चाधिकारियों से करने का निर्देश दिया. कहा कि बैंकों की लापरवाही से लोगों को परेशानी होती है. बताया गया कि मृत, अयोग्य एवं लापता पेंशनधारियों में कुल 1623 लोगों के नाम हटाए गए हैं. इसके अतिरिक्त पेंशनधारियों के मृत्यु के उपरांत लाभुकों के खाते में भेजी गयी राशि की रिकवरी भी की गयी है. डीसी ने इसे शत-प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश दिया. डीसी ने बैठक में अनुपस्थित रहने व पेंशन योजनाओं में शिथिलता को लेकर कुंडहित, करमाटांड़ एवं नगर निकाय जामताड़ा के अधिकारी का वेतन रोकने का निर्देश दिया. होली से पूर्व सेविकाओं एवं सहायिकाओं के मानदेय भुगतान नहीं करने एवं कार्यालय में अधियाचना के बाद प्रतिनियुक्त किए गये लिपिक के योगदान के 10 दिनों बाद भी कार्य आवंटित नहीं करने, विभिन्न बिंदुओं पर असंतोषजनक उपलब्धि रहने, कार्य में शिथिलता बरतने कारण डीसी ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगायी. साथ ही जिला समाज कल्याण पदाधिकारी एवं प्रधान लिपिक समाज कल्याण शाखा का वेतन बंद करने का निर्देश दिया. वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध शत प्रतिशत लाभुकों को आच्छादित करने का निर्देश दिया. बताया कि जिले में कुल लक्ष्य 30000 के विरुद्ध 24306 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें में 22816 लाभुकों को सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ दिया गया है. डीसी ने डीइओ एवं डीएसइ को सभी बीइइओ को अवेयरनेस फैलाने एवं लक्ष्य प्राप्ति के लिए समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. मौके पर डीइओ चार्ल्स हेंब्रम, डीएसडब्ल्यूओ कलानाथ, डीएसइ विकेश कुणाल प्रजापति, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ आलोक विश्वकर्मा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार आदि मौजूद थीं.
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