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श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार को काॅरपोरेट फंडिंग की सरकार बताया

Updated at : 05 Jul 2025 9:38 PM (IST)
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श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार को काॅरपोरेट फंडिंग की सरकार बताया

यह बैठक 9 जुलाई को प्रस्तावित अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में थी. वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों और कल्याण के लिए हड़ताल का समर्थन आवश्यक है.

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मिहिजाम. चित्तरंजन रेलइंजन कारखाना (चिरेका) के ट्रैक्शन मोटर्स शॉप के सामने वामपंथ समर्थित श्रमिक संगठनों द्वारा गेट मीटिंग आयोजित की गयी. यह बैठक 9 जुलाई को प्रस्तावित अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में थी. वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों और कल्याण के लिए हड़ताल का समर्थन आवश्यक है. उन्होंने केंद्र सरकार पर कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने और चुनावी बांड के माध्यम से राजनीतिक फंडिंग पर निर्भर होने का आरोप लगाया. वक्ताओं ने कहा कि 39 श्रम कानूनों को 4 श्रम संहिताओं में बदलना श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास है, जिससे मजदूरों की दशा और बदतर हो सकती है. उन्होंने कहा कि चिरेका कर्मचारियों की एकजुटता ने कॉरपोरेटाइजेशन के प्रयासों को रोकने में सफलता पायी है. वक्ताओं ने किसानों के आंदोलन से प्रेरणा लेने की बात भी कही. बैठक में चिरेका लेबर यूनियन, संग्रामी श्रमिक यूनियन, रेलवे कर्मचारी यूनियन और पेंशनर्स एसोसिएशन सहित कई संगठनों ने भाग लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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JIYARAM MURMU

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By JIYARAM MURMU

JIYARAM MURMU is a contributor at Prabhat Khabar.

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