यूआइएसएल के सख्त नियम, अब अलग करें गीला और सूखा कचरा तभी होगा घर से उठाव

टाटा स्टील यूआइएसएल ने जमशेदपुर में कचरा प्रबंधन के नियम सख्त किए। अब गीला और सूखा कचरा अलग न देने पर सफाईकर्मी कचरा नहीं उठाएंगे। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
प्रमुख संवाददाता, जमशेदपुर : टाटा स्टील के लिए नागरिक सेवाएं जमशेदपुर में प्रदान करने वाली कंपनी टाटा स्टील यूआइएसएल (पहले जुस्को) ने जमशेदपुर में डोर-टू-डोर कचरा उठाव व्यवस्था को अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक बनाने के लिए नियमों में कड़े बदलाव किये हैं. इन नियमों का मुख्य उद्देश्य शहर में रीसाइक्लिंग प्रणाली को मजबूत करना है. इसको लेकर भारत सरकार के तय नियम का अनुपालन कराया जा रहा है. स्थानीय निवासियों के लिए गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में रखना अनिवार्य कर दिया गया है. यदि घर या दुकान से सूखा और गीला कचरा मिलाकर दिया जायेगा, तो सफाई कर्मचारी उसे उठाने से साफ मना कर देंगे. गीला कचरा का उठाव पहले की तरह रोजाना किया जायेगा. सूखा कचरा का उठाव अब सप्ताह में केवल दो दिन (सोमवार और गुरुवार) किया जायेगा. बड़े संस्थानों के लिए सख्त नियम किये गये हैं. होटल, रेस्टोरेंट और 100 किलो से अधिक कचरा पैदा करने वाले संस्थानों को अपने गीले कचरे का निपटारा अपने परिसर के भीतर ही बायो-मिथेनाइजेशन प्लांट या ऑर्गेनिक वेस्ट कन्वर्टर से करना होगा. कचरे की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए सभी बड़े कचरा उत्पादकों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है. कंपनी ने मुफ़्त कचरा उठाव सेवा को बंद कर दिया है. मकान के आकार (वर्ग मीटर) के आधार पर प्रति माह 20 से 80 तक का शुल्क लिया जा रहा है, जिसे बिजली या पानी के बिल के साथ जोड़ा जा रहा है.
एक अप्रैल से लागू नये नियम को किया गया प्रभावी टाटा स्टील यूआइएसएल के कमांड एरिया में हर दिन करीब 250 टन कचरा का उठाव होता है. इसके तहत एक अप्रैल 2026 से लागू किये गये नये नियम को प्रभावी बनाया जा रहा है. गीला (बायोडिग्रेडेबल), ड्राइ यानी सूखा रिसाइक्लेबल, डोमेस्टिक हजार्डस, सेनेटरी वेस्ट का अलग-अलग डस्टबिन रखने को कहा गया है. अब सीधे तौर पर जुर्माना का प्रावधान किया गया है. पुराना कचरा के डंपिंग यार्ड को निष्पादित किया जा रहा है. इसकी डिजिटल मॉनिटरिंग शुरू की गयी है.
क्या कहती है कंपनी?
टाटा स्टील यूआइएसएल की प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी जमशेदपुर के वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. इंटीग्रेटेड प्रोसेसिंग सुविधाओं का काम अंतिम चरण में है. चरणबद्ध तरीके से 100 फीसदी कचरा पृथक्करण, व्यापक जनजागरुकता अभियान, नियमों के सख्त पालन, जुर्माना व्यवस्था और प्रशासन के साथ समन्वय पर काम किया जा रहा है. नये सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2026 के अनुरूप सभी तैयारियां समय पर पूरी की जायेंगी.
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