बांग्ला भाषा को जीवित रखने के लिए नयी पीढ़ी को आगे आना होगा: विद्रोह मित्र

Edited by SANJAY PRASAD
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जमशेदपुर (फाइल फोटो)

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झारखंड बंगाली समिति का 81वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित

jamshedpur.

झारखंड बंगाली समिति, जमशेदपुर शाखा का 81वां वार्षिक सम्मेलन कदमा के उलियान स्थित निर्मल भवन में आयोजित किया गया. मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं श्रीलेदर्स के पार्टनर शेखर डे उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष विद्रोह मित्र ने किया. मौके पर परेश कुमार नंदी, निखिल दत्त, झरना कर और तपन सेनशर्मा उपस्थित थे. स्वागत भाषण स्वपन दासगुप्ता व मंच संचालन आशीष गुप्ता, निसार अमीन और पूरबी चटर्जी ने किया. अपने संबोधन में शेखर डे ने कहा कि मैं बंगाली होने पर गर्व महसूस करता हूं, जो लोग बांग्ला भाषा और साहित्य के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें मैं नमन करता हूं और हमेशा उनके साथ रहूंगा. वहीं विद्रोह मित्र ने कहा कि “बांग्ला भाषा को जीवित रखने के लिए नयी पीढ़ी को आगे आना होगा.उन्होंने बताया कि करमाटार में विद्यासागर महाशय के होम्योपैथिक क्लिनिक और लाइब्रेरी को फिर से शुरू करने के प्रयास जारी हैं. समिति ने करमाटांड़ से कोलकाता तक विद्यासागर के नाम पर ट्रेन चलाने की मांग की. कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ऋषि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर साहित्यिक चर्चा आयोजित की गयी. सांस्कृतिक कार्यक्रम में समिति की शमिता रक्षित, अदिति सेनगुप्ता, तपती दत्ता, देवयानी दत्ता, शर्मिष्ठा धर, शम्पा मुखर्जी, दीपा बनर्जी, सुपर्णा सेन शर्मा और बुलबुल घोष ने प्रस्तुति दी. मौके पर निसार अमीन द्वारा संपादित समिति स्मारिका का विमोचन भी किया गया.

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