उत्तराखंड के टनल हादसे में डुमरिया के एक मजदूर की मौत, एक घायल
विजय हांसदा (फाइल फोटो).
उत्तराखंड के चमोली टनल हादसे में डुमरिया के मजदूर विजय हांसदा की मौत हो गई। गांव में मातम का माहौल है, मृतक शादी के लिए पैसे कमाने गया था।
डुमरिया : डुमरिया से रोजगार के लिए पलायन का दर्द एक बार फिर सामने आया है. उत्तराखंड के चमोली टनल में हुए हादसे में डुमरिया प्रखंड के पलाशबनी गांव स्थित नुदाईडीह टोला निवासी चैतान हांसदा उर्फ भोजाई के 22 वर्षीय पुत्र विजय हांसदा की दर्दनाक मौत हो गयी. वहीं, इसी गांव की एक अन्य युवक के पैर में गंभीर चोट लगी है. विजय हांसदा चैतान हांसदा का सबसे छोटा बेटा था. परिजनों के अनुसार फरवरी में वह काम करने उत्तराखंड गया था. सूचना के अनुसार उत्तराखंड स्थित विष्णुगढ़ पीपलकोटी हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में वह काम करता था. वह 12 अगस्त को नाईट ड्यूटी कर सुबह साथियों के साथ वापस डेरा लौट रहा था. इसी क्रम में टनल में घटना घटी. इस घटना में उसकी दर्दनाक मौत हो गयी.
इस साल करने वाला था शादी
परिजनों के अनुसार विजय हांसदा इस साल शादी करने वाला था. घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. जमीन भी काफी कम है. इसलिए शादी के खर्च के लिए वह मजदूरी करने उत्तराखंड अपने दोस्तों के साथ गया था. उसने अपनी मां को बोला था कि इस बार घर आकर शादी करूंगा. उसके बाद और बाहर काम करने नहीं जाऊंगा. विजय हांसदा की मां बार-बार इस बात को दोहरा कर पछाड़ मार कर रो रही है. उनकी आंखों से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहा है.
विजय के साथ इसी गांव के और चार युवक गये थे
विजय हांसदा के साथ गांव के ही खेलाराम बेसरा, गंजल मार्डी, भिलु मुर्मू व छोटो बेसरा वहीं काम करने गया था. सूचना है कि एक युवक के पैर में चोट लगी है. बाकी सभी सुरक्षित है. सूचना पर पूरा गांव मातम में डूब गया है. विजय हांसदा के शव को गांव लाया जा रहा है. उम्मीद है शनिवार रात तक विजय का शव गांव पहुंचेगा.
इसके पूर्व डुमरिया के छह मजदूर फंसे टनल में
इसके पूर्व भी टनक धसने से डुमरिया प्रखंड के 6 मजदूर जिसमें पलाशबनी पंचायत के मानिकपुर के ही 4 मजदूर कई दिनों तक टनल में फंसा रहा. जिंदगी और मौत से लड़ता रहा था. बाद में कड़ी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित निकाला गया था.
नहीं चेता प्रशासन, डुमरिया में पलायन बदस्तूर जारी
रोजगार के लिए मजदूरों का पलायन बदस्तूर जारी है. सैकड़ो मजदूर रोजगार के लिए यहां से विभिन्न राज्यों में पलायन कर रहे हैं. लेकिन, प्रशासन के पास इनका कोई डाटा नहीं है. श्रम प्रवर्त्तन कार्यालय में प्रवासी मजदूरों के लिए पंजीयन का कोई ठोस पहल नहीं होता और न ही इसके लिए जागरूकता फैलाई जाती है. अगर प्रवासी मजदूर पंजीकृत होते तो दुर्घटना में मृत्यू पर 5 लाख मुआवजा तथा पार्थिव शरीर को लाने का खर्च भी सरकार मुहैया कराती है. साधारण मौत पर भी एक लाख देने का प्रावधान है. बीडीआे निलेश कुमार मुर्मू ने बताया - उत्तराखंड के निर्माणधीन सुरंग हादसे में डुमरिया के विजय हांसदा की मौत की सूचना मिली है. प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपये मृतक के पिता के खाते में भेजी गयी है. पार्थिव शरीर को एंबुलेंस से लाया जा रहा है.
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लेखक के बारे में
By मो. युनूस परवेज
मो. युनूस परवेज वर्ष 1995 से पत्रकारिता कर रहे हैं. उन्होंने घाटशिला महाविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स की डिग्री हासिल की है. इनकी राजनीति, अपराध, नक्सलवाद, खेल, शिक्षा और खेती किसानी की खबरों में विशेष रुचि है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.
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