प्राइड ऑफ स्टील सिटी : द्रोणाचार्य अवार्ड पाकर भावुक हुए कोच धर्मेंद्र तिवारी, कहा- प्रतिभाओं को उभारने के लिए प्रोफेशनल लीग जरूरी

Updated at : 30 Aug 2020 6:06 AM (IST)
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प्राइड ऑफ स्टील सिटी : 	द्रोणाचार्य अवार्ड पाकर भावुक हुए कोच धर्मेंद्र तिवारी, कहा- प्रतिभाओं को उभारने के लिए प्रोफेशनल लीग जरूरी

कोलकाता में आयोजित वर्चुअल समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से द्रोणाचार्य अवार्ड प्राप्त करने के बाद प्रभात खबर से बातचीत करते हुए टाटा तीरंदाजी अकादमी के कोच धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि देश में तीरंदाजी के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने व प्रतिभाओं को उभारने के लिए प्रोफेशनल टीम तैयार करनी चाहिए

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जमशेदपुर : कोलकाता में आयोजित वर्चुअल समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से द्रोणाचार्य अवार्ड प्राप्त करने के बाद प्रभात खबर से बातचीत करते हुए टाटा तीरंदाजी अकादमी के कोच धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि देश में तीरंदाजी के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने व प्रतिभाओं को उभारने के लिए प्रोफेशनल टीम तैयार करनी चाहिए, जिससे बच्चों व युवाओं को इस ओर आकर्षित किया जा सके. आइपीएल, आइएसएल, प्रो कबड्डी लीग व हॉकी इंडिया लीग की तर्ज पर तीरंदाजी के क्षेत्र में भी प्रोफेशनल टीम बना कर लीग का आयोजन करना चाहिए. प्रत्येक टीम में पांच-छह खिलाड़ी व एक कोच हों, जो उन्हें प्रशिक्षित करें. उन्होंने कहा टाटा कंपनी व सार्वजनिक क्षेत्र की सेल ने अकादमी की स्थापना की है.

इसी तरह अन्य कंपनियों को तीरंदाजी के विकास के लिए आगे आना चाहिए. श्री तिवारी ने कहा कि यह पल बहुत ही खास है, जब गुरु व शिष्य दोनों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अतनु दास उनके पांचवें छात्र हैं, जिन्हें अर्जुन अवार्ड मिल रहा है. गौरतलब है कि धर्मेंद्र तिवारी, टाटा तीरंदाजी अकादमी से जुड़े तृतीय ऐसे कोच हैं, जिन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड प्रदान किया गया है. इससे पहले वर्ष 2007 में संजीव कुमार को तथा 2013 में पूर्णिमा महतो को यह सम्मान मिल चुका है.

प्राथमिक स्कूल से दी जाये तीरंदाजी की शिक्षा : श्री तिवारी ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है. जरूरत है सिर्फ इसे उभारने की. देश में तीरंदाजी को और विकसित करने व प्रतिभाओं की खोज के लिए प्राथमिक स्कूल से ही बच्चों को तीरंदाजी की शिक्षा दी जाये. उन्होंने कहा कि अगर नौ-10 वर्ष की आयु से ही बच्चों को तीरंदाजी का प्रशिक्षण दिया जाये तो 18-19 की आयु तक वह एक बेहतर तीरंदाज के रूप में उभरेंगे.

उनको स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साइ) मे अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाये. उन्होंने कहा कि साइ को विशेष एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना करनी चाहिए, जहां वर्ल्ड क्लास की तकनीक व सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि भारतीय तीरंदाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जा सके.

जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड को किया गौरवान्वित : जमशेदपुर. टाटा आर्चरी अकादमी के कोच और तीरंदाज धर्मेंद्र तिवारी काे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया. इस पर हर्ष जाहिर करते हुए जिला आर्चरी एसोसिएशन पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष सह राज्य आर्चरी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दिनेश कुमार ने प्रसन्नता जाहिर की. उन्होंने इसे जमशेदपुर समेत पूरे राज्य के लिए गौरवान्वित करने वाला पल बताया.

Post by : Prirtish Sahay

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