Kairav Gandhi kidnapping Case: कैरव गांधी किडनैपिंग मामले में बीजेपी हुई रेस, करेगी आंदोलन

झारख्ंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू.
Kairav Gandhi kidnapping Case: झारखंड में जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव गांधी किडनैपिंग मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है. 10 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर बीजेपी ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने परिवार से मुलाकात कर पुलिस पर सवाल उठाए और डीजीपी से मिलने की बात कही. वहीं, विधायक सरयू राय ने भी सरकार पर निशाना साधा है. पुलिस का दावा है कि जल्द बड़ा खुलासा हो सकता है. पूरी खबर नीचे पढ़ें.
Kairav Gandhi kidnapping Case: झारखंड के जमशेदपुर से कारोबारी के बेटे कैरव गांधी के किडनैपिंग का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले को लेकर सबसे पहले पश्चिमी जमशेदपुर से जदयू विधायक सरयू राय ने 15 जनवरी 2026 को झारखंड की पुलिस महानिदेशक (जीडीपी) तदाशा मिश्रा और जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय से बात की थी. अब शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कैरव गांधी के पिता देवांग गांधी से मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद उन्होंने इस मामले में आंदोलन करने का ऐलान भी किया है. उन्होंने यह भी कहा कि 27 जनवरी को वे रांची में जीडीपी से मुलाकात करके दबाव बनाएंगे.
10 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, राजनीतिक हलचल तेज
जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र से लापता हुए युवा उद्यमी कैरव गांधी के किडनैपिंग मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है. किडनैपिंग के 10 दिन बीत जाने के बाद भी जब पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला, तो इस मामले में विपक्षी दलों ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोल दिया है. शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली बार जमशेदपुर पहुंचे आदित्य साहू ने कैरव गांधी के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.
झारखंड बीजेपी चीफ ने परिवार से की मुलाकात
झारखंड बीजेपी के चीफ आदित्य साहू सबसे पहले सर्किट हाउस होते हुए सीधे कैरव गांधी के आवास पहुंचे. वहां उन्होंने कैरव के पिता देवांग गांधी और दूसरे परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि बीजेपी इस कठिन समय में परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और कैरव की सुरक्षित वापसी के लिए हर लेवल पर दबाव बनाया जाएगा. मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
आदित्य साहू ने कहा कि 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. यह राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है. उन्होंने जमशेदपुर के एसएसपी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी अधिकारी के अपने परिवार का सदस्य इस तरह अगवा होता, तो क्या पुलिस इसी तरह हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती? उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी. जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा.
अमित शाह से करेंगे सीबीआई जांच की मांग
बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू ने ऐलान किया कि शनिवार को बीजेपी महानगर का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मिलकर अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्योरा मांगेगा. 25 जनवरी को पार्टी के प्रदेश लेवल के नेता रांची में डीजीपी से मुलाकात कर इस केस में तेजी लाने का दबाव बनाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो 28 जनवरी को दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की जाएगी और इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की जाएगी.
ऑर्गेनाइज्ड उद्योग बनता जा रहा है किडनैपिंग: साहू
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में किडनैपिंग अब ऑर्गेनाइज्ड उद्योग जैसा बनता जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और व्यवसायी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है. उन्होंने कहा कि कैरव गांधी केस सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि पूरे जमशेदपुर और झारखंड की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा सवाल है.
पुलिस का दावा-दो-तीन दिन में हो सकता है बड़ा खुलासा
इधर पुलिस सूत्रों का कहना है कि कैरव गांधी अपहरण कांड में अहम सुराग हाथ लगे हैं. दो से तीन दिनों में मामले का खुलासा हो सकता है. जमशेदपुर और सरायकेला की ज्वाइंट एसआईटी के अलावा एटीएस और सीआईडी की टीमें भी जांच में लगाई गई हैं. करीब 10 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिनमें दो डीएसपी, आठ इंस्पेक्टर और 30 से ज्यादा सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं.
बिहार और बंगाल तक फैली जांच
पुलिस की टीम बिहार और पश्चिम बंगाल में लगातार छापेमारी कर रही है. नेशनल हाईवे और राज्य की प्रमुख सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए हैं, जिनसे किडनैपिंग से जुड़े कुछ अहम सुराग मिलने की बात कही जा रही है. हालांकि, कैरव की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर रही है.
परिवार से सार्वजनिक बयान देने पर रोक
कैरव गांधी के घर नहीं लौटने से परिवार गहरे तनाव में है. पुलिस ने सुरक्षा कारणों से परिजनों को इस मामले में किसी भी तरह का सार्वजनिक बयान देने से मना किया है. पूरा केस खुद डीजीपी तदाशा मिश्रा की निगरानी में चल रहा है और हर मूवमेंट पर बारीकी से नजर रखी जा रही है.
विधायक सरयू राय का सरकार पर हमला
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने भी इस मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने लिखा कि यह सिर्फ अपहरण का मामला नहीं, बल्कि एक युवक की जिंदगी की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है. उन्होंने डीजीपी और एसएसपी से बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि जमशेदपुर के व्यवसायी और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. अगर जल्द खुलासा नहीं हुआ, तो जनता को सड़कों पर उतरना पड़ेगा.
इसे भी पढ़ें: Dhanbad Special Story: बीआईटी सिंदरी में 4,500 स्टूडेंट्स पर सिर्फ 115 टीचर, 191 पोस्ट खाली
13 जनवरी को हुआ था किडनैप
13 जनवरी की दोपहर करीब एक बजे बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सीएच एरिया से युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था. तब से लेकर अब तक पुलिस बड़े स्तर पर जांच कर रही है, लेकिन कैरव का कोई सुराग नहीं मिला है. अब राजनीतिक दबाव बढ़ने के बाद यह मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है.
इसे भी पढ़ें: Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड के सारंडा में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, एक महिला समेत 4.49 करोड़ के इनामी 13 नक्सली ढेर
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




