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जमशेदपुर कोर्ट के आदेश से सील सरकारी बिल्डिंगों में चल रहा मरम्मत कार्य, रह हैं लोग

Updated at : 04 Jul 2024 9:35 PM (IST)
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जमशेदपुर कोर्ट के आदेश से सील सरकारी बिल्डिंगों में चल रहा मरम्मत कार्य, रह हैं लोग

दोनों केसों में अब कोर्ट अटैच(सील) की गयी संपत्ति के संबंध में इस्तेहार जारी होगा, फिर अटैच संपत्ति को नीलाम करने की प्रक्रिया की जायेगी.

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फ्लैग) सील करने की यह कैसी कार्रवाई, हो रहे हैं सभी कार्य

कोर्ट के आदेश से सील हुई सरकारी बिल्डिंगों में चल रहा मरम्मत कार्य, एक सील बिल्डिंग का कार्यालय दूसरी जगह से हो रहा संचालन

बिष्टुपुर सर्किट हाउस स्थित सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के 12 डुप्लेक्सों की सील करने के मामले में 12 जुलाई को कोर्ट में तिथि निर्धारित है

—–प्रभात पड़ताल—–(फोटो ऋषि तिवारी की)

मुख्य संवाददाता, जमशेदपुर:

जमशेदपुर एडीजे 3 कॉमर्शियल कोर्ट न्यायाधीश निशांत कुमार के आदेश से सील हुई सरकारी बिल्डिंगों (जिला समाहरणालय बिल्डिंग स्थित डीआरडीए कार्यालय और सर्किट हाउस में जल संधान विभाग के सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के डुप्लेक्स) में एक में बिना रोकटोक के मरम्मत कार्य चल रहा है, जबकि दूसरे मामले में सील विभाग का कार्यालय अब दूसरी जगह चल है.

केस नंबर 1

दिन: 3 जुलाई 2024

बिष्टुपुर सर्किट हाउस स्थित झारखंड सरकार जल संसाधन विभाग के अधीन संचालित सुवर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना के 12 डुप्लेक्स (संपत्ति) को अटैच (सील) करने की कार्रवाई की गयी. सभी डुप्लेक्स के बाउंड्रीवाल पर लाल रंग के पेंट से संपत्ति केस नंबर के साथ बुधवार को अटैच किया गया. मालूम हो कि सुवर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना अंतर्गत चांडिल बांयी कैनाल में 37 साल पूर्व 1987-88 में ठेकेदार (मेसर्स हिमाचल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, सोनारी) के काम का भुगतान नहीं करने पर उसने 2003 में केस किया था.आर्विटेशन केस में वर्ष 2015 में ठेकेदार के पक्ष में फैसला हुआ. उक्त फैसले के खिलाफ स्टेट (राज्य सरकार) ने अपील दाखिल की, हालांकि कोर्ट से अपील खारिज हो गयी. तब ठेकेदार की ओर से दो अलग-अलग मामलों में (5/2023 और 6/2023) में एग्जीक्यूशन दाखिल किया गया. इसमें एक केस में 10.32 करोड़ और दूसरे केस में 18.26 करोड़ रुपये का भुगतान तय किया गया. कुल साढ़े 28 करोड़ रुपये भुगतान के एवज में विभाग की सर्किट हाउस स्थित संपत्ति को अटैच करने का आदेश दिया.

वर्तमान स्थिति

: सील भवनों में जारी है मरम्मत कार्य

इन सील गयी 12 डुप्लेक्सों में बुधवार की तरह गुरुवार को भी मरम्मत कार्य जारी रहा. दर्जनों मजदूर अलग-अलग अटैच बिल्डिंग में बिना रोकटोक के काम करते दिखे. इतना ही नहीं सील की गयी 12 डुप्लेक्स में शत प्रतिशत ऑक्यूपेंसी हैं. 12 डुप्लेक्सों में वरीय अधिकारी परिवार के साथ रह रहे हैं. 12 डुप्लेक्सों में विभागीय पदाधिकारी के अलावा जिले के वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी को आवंटित किया गया है.

केस नंबर 2

दिन: 1 जुलाई 2024

पूर्वी सिंहभूम

जिला समाहरणालय(डीसी ऑफिस) स्थित डीआरडीए कार्यालय को जमशेदपुर एडीजे 3 कॉमर्शियल कोर्ट के न्यायाधीश निशांत कुमार के आदेश पर सोमवार सील करने की कार्रवाई की गयी. यह कार्यालय जिला समाहरणालय बिल्डिंग स्थित तीसरे तल्ले में थी. गौरतलब हो कि 31 साल पूर्व वर्ष 1993 में किसान सर्वे को लेकर डीआरडीए ने प्रिंटर्स से प्रिंटिंग करवाया था, डीआरडीए ने प्रिटिंग का 32 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया था. बाद में प्रिंटिंग करने वाले पक्षकार श्यामल कुमार पसारी कोर्ट चले गये. उक्त बकाया राशि सूद समेत 2.43 करोड़ रुपये हो गयी है. वर्ष 2012 में पक्षकार ने कोर्ट की डिग्री के अनुपालन के लिए एग्जीक्यूशन शूट फाइल की. इसमें 26 जून 2024 को कॉमर्शियल कोर्ट ने डीआरडीए की संपत्ति सील की गयी.

वर्तमान स्थिति: भवन पर नोटिस चस्पा कार्यालय शिफ्ट होने की दी गयी है जानकारी

सील रूम के दरवाजा पर एक नोटिस डीआरडीए प्रशासन ने चिपकाया है, इसमें डीआरडीए कार्यालय को रूम नंबर (एस-11, एस-08) में शिफ्ट करने की जानकारी दी गयी है. उक्त नोटिस से कोर्ट के आदेश से हुई कार्रवाई और वर्तमान में संचालित डीआरडीए कार्यालय संचालित होने में फर्क का पता चलता है.

आगे ये हो सकती है कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक अटैच (सील) संपत्ति के बारे में कोर्ट के आदेश से इश्तेहार जारी होगा. इसमें एग्जीक्यूशन शूट के फैसले के अनुरूप पक्षकार को बकाया भुगतान अटैच संपत्ति को नीलाम करके किया जायेगा. यदि नीलाम प्रक्रिया में ज्यादा राशि मिलती है, तब कोर्ट नियमानुसार पक्षकार को भुगतान करने के बाद बची हुई राशि राज्य सरकार के संबंधित विभाग को लौटायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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