Jamshedpur News : खुद डायरेक्टर-मालिक, कागजों में बने श्रमिक: फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी राजस्व के गबन का आरोप

जमशेदपुर में फर्जी कंपनियां बनाकर ESIC के सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। पिता-पुत्र पर विजिलेंस जांच और FIR की अनुशंसा की गई है।
Jamshedpur News : कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआइसी) के गोलमुरी शाखा कार्यालय ने क्षेत्रीय कार्यालय, रांची को पत्र भेजकर वित्तीय फर्जीवाड़े की शिकायत की है और पूरे मामले की सतर्कता (विजिलेंस) जांच कराने सहित दोषियों पर एफआइआर दर्ज करने की अनुशंसा की है. शिकायत के अनुसार ब्रज किशोर शर्मा और उनके पुत्र भास्कर कुमार पर फर्जी व कागजी कंपनियां गठित कर सरकारी धन का गबन करने का आरोप है. शिकायत पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि बिना किसी भौतिक कार्यालय के इस कंपनी को कोड जारी करना और वर्ष 2022 में तत्कालीन सामाजिक सुरक्षा अधिकारी विपुल कुमार द्वारा इसे वैध दर्शाना विभागीय साठगांठ की ओर इशारा करता है. वर्तमान में शाखा कार्यालय ने आरोपियों के सभी प्रकार के चिकित्सा भुगतानों और क्लेम पर तत्काल रोक लगाते हुए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.
मालिक और निदेशक होने के बावजूद बने ''साधारण कर्मचारी''
शिकायत पत्र के अनुसार भास्कर कुमार और उनके पिता ब्रज किशोर शर्मा डीप प्रभा कंसल्टिंग सर्विसेज सहित कई निजी लिमिटेड कंपनियों के मालिक, निदेशक या ट्रस्टी हैं. बावजूद, भास्कर कुमार ने खुद को एक मामूली श्रमिक दर्शाते हुए एमएस जीडी एंड कंपनी के तहत फर्जी तरीके से इएसआइसी पंजीकरण कराया है. वहीं ब्रज किशोर शर्मा वर्ष 2004 से दोनों आंखों की कथित खराबी के आधार पर 20 प्रतिशत स्थायी विकलांगता हितलाभ (पीडीबी पेंशन) प्राप्त कर रहे हैं. जबकि शिकायत के अनुसार वे शारीरिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ हैं और समानांतर रूप से जिंद इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग वर्क्स में भी फर्जी बीमित व्यक्ति बने हुए हैं.
कारलाइफ प्रोजेक्ट के जरिये पूरे परिवार को बनाया बीमित व्यक्तिइस मामले की मुख्य शिकायत भास्कर कुमार की मालिकाना हक वाली फर्म एमएस कारलाइफ प्रोजेक्ट एंड इंफ्राटेक सर्विसेज से जुड़ी है. इस कंपनी का जीएसटी, टैन या इंटरनेट पर कोई व्यावसायिक अस्तित्व ही नहीं है. इस कागजी कंपनी का उपयोग केवल अपने पारिवारिक सदस्यों जैसे भाई प्रभात कुमार, भाभी प्रतिभा शर्मा, और चचेरी बहन शालिनी राज को फर्जी कर्मचारी दिखाकर इएसआइसी का लाभ लेने के लिए किये जाने का आरोप लगाया गया है.
फर्जी एक्सीडेंट रिपोर्ट और 3 लाख का चिकित्सा दावा
शिकायत का सबसे गंभीर हिस्सा प्रभात कुमार के दुर्घटना हितलाभ दावे से संबंधित है. जो खुद कोलकाता की कंपनी कमिंगो हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक हैं. आरोप है कि 6 सितंबर 2021 को दोपहर 12:10 बजे जमशेदपुर कार्यालय में पैर फ्रैक्चर होने का दावा किया गया. जबकि उसी रात 8:56 बजे उन्हें कोलकाता के अस्पताल में भर्ती दिखा दिया गया. बिना किसी विशेष माध्यम (जैसे एयर एंबुलेंस) के कुछ ही घंटों में जमशेदपुर से कोलकाता पहुंचना नामुमकिन माना गया है. अस्पताल के कागजात पर भी परिजनों के बजाय अमित कुमार साव नामक बाहरी व्यक्ति के हस्ताक्षर हैं. जिसके आधार पर अब 3 लाख के फर्जी मेडिकल क्लेम का दबाव बनाने का आरोप है.
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लेखक के बारे में
By राजेश कुमार
राजेश कुमार सिंह, 19 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे है. कटिहार जिला के मनिहारी अनुमंडल से प्रिंट के साथ डिजिटल में तीन वर्षों से कार्य कर रहे हैं. राजनीति, समाजिक क्षेत्र में गहरी रूचि रखते हैं.
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