घाटशिला प्रखंड कार्यालय में महुलिया पंसस शीला गोप बैठी आमरण अनशन पर, आश्वासन के बाद टूटा अनशन

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7जी 12-अनशन पर बैठी शीला गोप को बिस्किट व पानी पिलाते बीडीओ | Prabhat Khabar Network

घाटशिला प्रखंड में महुलिया पंचायत समिति सदस्य शीला गोप ने भूमि सत्यापन के लिए आमरण अनशन किया। बीडीओ के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।

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घाटशिला: घाटशिला प्रखंड की महुलिया पंचायत की पंचायत समिति सदस्य शीला गोप भूमि सत्यापन व अनापत्ति प्रमाण पत्र के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को प्रखंड कार्यालय पहुंचीं और अंचल कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठ गयी. उन्होंने आरोप लगाया कि अंचल पदाधिकारी द्वारा कार्य में देर व उन्हें पहचानने से इंकार किया गया और आवेदन के बावजूद अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया.

वे अंचल कार्यालय पहुंचीं और सीओ से इस संबंध में अपनी बात रखी. इसके बाद करीब सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अनशन पर बैठी रहीं. बाद में बीडीओ यूनिका शर्मा ने हस्तक्षेप कर मामले के समाधान का आश्वासन दिया. बीडीओ ने कहा कि पंचायत समिति से जुड़े कार्यों के साथ भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र का भी नियमानुसार निष्पादन किया जायेगा.

आश्वासन के बाद शीला गोप को बिस्कूट व पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया. मौके पर कांग्रेस प्रदेश सचिव तापस चटर्जी व राजा राम गोप भी पहुंचे. तापस चटर्जी ने कहा कि जनप्रतिनिधि के साथ सीओ द्वारा इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है.

भूमि सत्यापन में देरी से अटकी सड़क योजना, भटकती रहीं जनप्रतिनिधि

शीला गोप ने बताया कि महुलिया पंचायत में आनंद अग्रवाल के घर से यमराज प्रसाद के घर तक फेवर ब्लॉक सड़क निर्माण की योजना प्रस्तावित थी. इस संबंध में 22 जून 2026 को अंचल कार्यालय में आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया.

उन्होंने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय पहुंचने पर उन्हें पहचानने से भी इंकार कर दिया गया, जबकि वे स्वयं जनता द्वारा निर्वाचित पंचायत समिति सदस्य हैं. उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो आम लोगों के साथ क्या स्थिति होगी.

शीला गोप ने बताया कि भूमि सत्यापन के लिए उन्होंने एक महीने पहले अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था और आवश्यक सभी कागजात डीड, नक्शा, ग्राम सभा की स्वीकृति तथा ग्रामीणों का मांग-पत्र जमा किया था.

इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि पंचायत समिति के तहत महुलिया पंचायत में सड़क निर्माण की योजना भूमि सत्यापन के अभाव में अटकी हुई है. कई बार कार्यालय जाने के बावजूद आवेदन रिसीव नहीं किया गया और अलग-अलग फॉर्मेट बताकर उन्हें भटकाया गया.

आरोपों को खारिज करते हुए सीओ बोली: नियम के तहत ही होता है काम

घाटशिला की अंचलाधिकारी निशांत अंबर ने कहा कि किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया जाता है. उस समय अंचल कार्यालय में बैठक चल रही थी, इसी दौरान पंचायत समिति सदस्य तख्ती लेकर कार्यालय पहुंच गयी. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पंचायत समिति सदस्य के आवेदन पर अंचल कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी नहीं किया जाता है.

इसके लिए बीडीओ का लिखित आवेदन आवश्यक होता है. कहा कि आम जनता और जनप्रतिनिधियों की हर शिकायत सुनी जाती है, लेकिन सभी कार्य निर्धारित प्रक्रिया और नियम के तहत ही किए जाते हैं.


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मो. युनूस परवेज

लेखक के बारे में

By मो. युनूस परवेज

मो. युनूस परवेज वर्ष 1995 से पत्रकारिता कर रहे हैं. उन्होंने घाटशिला महाविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स की डिग्री हासिल की है. इनकी राजनीति, अपराध, नक्सलवाद, खेल, शिक्षा और खेती किसानी की खबरों में विशेष रुचि है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.

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