घर से निकलने वाले सीवेज शोधन के लिए बिरसानगर के हुरलुंग में बनेगा एफएसटीपी

Published by : ASHOK JHA Updated At : 24 May 2025 9:44 PM

विज्ञापन

बिरसानगर के हुरलुंग में एफएसटीपी प्लांट के तीसरी बार जेएनएसी ने लिए टेंडर निकाला हैं.

विज्ञापन

तीसरी बार जेएनसी ने निकाला टेंडर, तीन करोड़ 33 लाख आयेगी लागत

वरीय संवाददाता, जमशेदपुर

बिरसानगर के हुरलुंग में एफएसटीपी प्लांट (फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए तीसरी बार (जेएनएसी जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति ने) टेंडर निकाला है. नगर निगम के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने बताया कि एफएसटीपी प्लांट (फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) के बनने के बाद शहर के सेप्टिक टैंक के कचरे के निस्तारण की समस्या का निदान हो जायेगा. फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) की योजना को धरातल में उतारने के लिए तीन करोड़ 33 लाख 49 हजार 799 रुपये खर्च किये जायेंगे. प्लांट निर्माण को लेकर जेएनएसी ने शनिवार को टेंडर निकाल दिया है. एक साल के अंदर प्लांट को तैयार करने का लक्ष्य है. एफएसटीपी प्लांट (फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) की क्षमता प्रतिदिन 50 केएलडी होगी.

अभी क्या है शहर में स्थिति

जेएनएसी एरिया में फिलहाल लोगों ने अपने-अपने घरों में ही सेफ्टी टैंक बनवा रखे हैं, जब घरों में बने यह टैंक भर जाते हैं, तो उन्हें खाली करने के लिए नगर निकाय या निजी कंपनियों से टैंकर मंगवा कर घरों के टैंक से टैंकर में स्लज स्टोर किया जाता है. जिसके बाद यह टैंकर उस स्लज को ले जाकर नाले नालियों और खेतों में फेंक कर गंदगी फैलाते हैं, लेकिन प्लांट बनने के बाद इस समस्या का स्थायी समाधान निकल जायेगा. दो बार पहले भी जेएनएसी की ओर से योजना का टेंडर निकाला गया था, लेकिन संवेदकों के भाग नहीं लेने से उसे रद्द कर फिर से टेंडर निकाला गया है.

क्या होगा फायदा

जेएनएसी क्षेत्र में अगर एफएसटीपी प्लांट बनता है, तो आने वाले समय में स्वच्छता सर्वेक्षण में जेएनएसी के अंक बढ़ जायेगा. प्लांट के बनने के बाद जेएनएसी एरिया को साफ और स्वच्छ रखने में बड़ी मदद मिलेगी. प्लांट घरों में बने सीवर टैंक के स्लज को ट्रीट करता है और सॉलिड और लिक्विड को अलग करता है, जिसके बाद बचे सॉलिड वेस्ट का इस्तेमाल किसान खाद के रूप में किया जाता हैं, जबकि बचे लिक्विड का इस्तेमाल खेतों की सिंचाई के लिए किया जा सकता है.

कैसे काम करेगा प्लांट

प्लांट के बनने के बाद सभी टैंकर घरों से निकलने वाले स्लज को लाकर यहां बने स्क्रीन चेंबर में खाली करेंगे. इसके बाद इसे थिकनिंग टैंक में ट्रांसफर कर दिया जायेगा. इसके बाद इस स्लज को थिकनिंग टैंक से स्टेबलाइजेशन रिएक्टर में भेजकर ट्रीट किया जायेगा. लिक्विड और सॉलिड पूरी तरह से अलग हो जायेगा. पॉलिशिंग पाउंड में बचे लिक्विड को स्टोर कर सिंचाई में इस्तेमाल किया जायेगा. साथ ही अलग हुए सॉलिड का इस्तेमाल खाद के रूप में होगा.

वर्जन…

एफएसटीपी प्लांट निर्माण कार्य के लिए तीसरी बार टेंडर निकाला गया है. लगभग साढ़े तीन करोड़ से अधिक की लागत से इस प्लांट का निर्माण कार्य होगा. इस प्लांट के बनने के बाद सेप्टिक टैंक के कचरे की समस्या का निदान होगा.

– कृष्ण कुमार, उप नगर आयुक्त, जेएनएसी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ASHOK JHA

लेखक के बारे में

By ASHOK JHA

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola