Jamshedpur News : अस्पताल में उपलब्ध दवा ही मरीजों को लिखें डॉक्टर : अधीक्षक

Updated at : 06 Nov 2025 1:22 AM (IST)
विज्ञापन
jamshedpur

जमशेदपुर (फाइल फोटो)

Jamshedpur News : एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाये जा रहे हैं.

विज्ञापन

एमजीएम अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं के लिए होंगे कई सुधार

मरीजों के कॉल पर तुरंत पहुंचकर समस्या का समधान करने का नर्सों को निर्देश

Jamshedpur News :

एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाये जा रहे हैं. उपायुक्त के निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रबंधन को मिली कई प्रमुख हिदायतों पर अब तेजी से कार्रवाई शुरू हो गयी है. अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके मंधान ने सभी विभागाध्यक्षों और यूनिट प्रभारियों को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मरीजों की परेशानी कम करने के लिए सभी विभाग अपने स्तर पर सुधार सुनिश्चित करें. अध्यक्ष ने बताया कि जिन विभागों में नर्सिंग कॉलिंग सिस्टम लगाया गया है, वहां उसका डिस्प्ले हर समय चालू रहे और नर्स मरीजों के कॉल पर तुरंत पहुंचकर उनकी समस्या का समाधान करें. वहीं ईएनटी ओपीडी में लगाये गये टोकन सिस्टम को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिये गये हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री रख-रखाव योजना के तहत विभागों को दी गयी राशि का सही उपयोग 15 नवंबर तक कर इसकी रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को सौंपी जाये.इसके अलावा अस्पताल के स्टोर में उपलब्ध सभी दवाओं की सूची एक सप्ताह के भीतर ओपीडी और वार्डों में प्रदर्शित करने को कहा गया है. डॉक्टरों को प्राथमिकता उसी दवा को लिखने की दी गयी है, जो अस्पताल में उपलब्ध हो. सभी विभागाध्यक्षों को चिकित्सकों और कर्मचारियों का साप्ताहिक रोस्टर बनाकर 24 घंटे की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा ड्यूटी चार्ट ओपीडी और नर्सिंग स्टेशन पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है.

डॉ. मंधान ने कहा कि इमरजेंसी में अनावश्यक भीड़ कम करने के लिए डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है कि जिन मरीजों की स्थिति स्थिर हो जाये, उन्हें तुरंत वार्ड में शिफ्ट किया जाये, ताकि बेड खाली रह सकें. अस्पताल में मरीजों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए टोकन सिस्टम और अन्य कई सुधार जल्द लागू किये जायेंगे.

क्या कहते हैं मरीज

एमजीएम अस्पताल जाने में पहले जाम से परेशानी होती है, उसके बाद अस्पताल के इमरजेंसी में कभी-कभी बेड नहीं मिलता है, जिसके कारण स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज किया जाता है. कभी-कभी वह भी नहीं मिलता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है. यहां से दूसरे अस्पताल लेकर जाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं मिलती है. प्राइवेट एंबुलेंस चालक ज्यादा पैसा मांगते हैं.

आयुष्मान हर्ष, मानगो

अस्पताल के डॉक्टरों के द्वारा जो दवाएं लिखी जाती है, उसमें कुछ दवा ही अस्पताल में मिलती है, बाकी बाहर से खरीदनी पड़ती है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है.

अतीकुर रहमान, आजादनगरB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJESH SINGH

लेखक के बारे में

By RAJESH SINGH

RAJESH SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola