Jamshedpur News : 1 नवंबर से अनिश्चितकालीन बंद हो सकती है छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना

Updated at : 30 Oct 2025 1:11 AM (IST)
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जमशेदपुर (फाइल फोटो)

छोटागोविंदपुर जलापूर्ति योजना 1 नवंबर से ठप हो जायेगी. जेमिनी एजेंसी के ठेकेदार ने घोषणा की है कि जब तक 22 महीने का करीब 3.50 करोड़ का बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक जलापूर्ति नहीं की जायेगी.

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ठेकेदार ने कहा- जबतक 3.50 करोड़ का बकाया भुगतान नहीं होगा, तब तक जलापूर्ति नहीं करेंगे

जलापूर्ति बाधित होने की खबर से परेशान हैं 21 पंचायतों के लोग, प्रशासन से पहल की मांग

Jamshedpur News :

छोटागोविंदपुर जलापूर्ति योजना 1 नवंबर से ठप हो जायेगी. जेमिनी एजेंसी के ठेकेदार ने घोषणा की है कि जब तक 22 महीने का करीब 3.50 करोड़ का बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक जलापूर्ति नहीं की जायेगी. कंपनी का कहना है कि कई बार जिला प्रशासन और पेयजल विभाग से आग्रह करने के बावजूद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ायी गयी. इसका असर सीधे तौर पर ग्रामीणों की पेयजल सुविधा पर पड़ेगा. 21 पंचायतों में जल संकट की स्थिति बन सकती है. इस योजना के तहत 21 पंचायतों के करीब डेढ़ लाख परिवार को पाइपलाइन से जलापूर्ति की जाती थी. ठेकेदार के जलापूर्ति योजना बंद करने के फैसले से इन सभी क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने की आशंका है. ग्रामीणों को अब पानी के लिए फिर पुराने स्रोतों कुएं और नलकूप पर निर्भर होना पड़ सकता है.

……………………………..जिला प्रशासन व पंचायत प्रतिनिधियों के विवाद का खामियाजा भुगत रही जनताछोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के संचालन को लेकर जिला प्रशासन व पंचायत प्रतिनिधियों के बीच विवाद है. जिला प्रशासन और कुछ पंचायत प्रतिनिधियों के बीच राजनीतिक और वित्तीय मतभेद के कारण स्थिति बिगड़ती ही जा रही है. हर महीने एक या दो बार बिना किसी सूचना के अचानक जलापूर्ति बाधित कर दी जा रही है. जिला प्रशासन व पंचायत प्रतिनिधियों के बीच हो रहे विवाद की सजा आम जनता को मिल रही है. जबकि आम जनता हर महीने अपना मासिक जल कर पंचायत भवन में जाकर जल सहिया को जमा कर रहे हैं. जल कर जमा करने के बाद भी पानी की आपूर्ति बाधित करने से आम जनता में रोष व्याप्त है.

…………………………विभाग द्वारा किया जा रहा है जलापूर्ति योजना का संचालनवर्तमान में छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना का संचालन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कर रहा है और फिलहाल योजना ऑपरेशन और मेंटेनेंस में है. जलापूर्ति योजना का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद से अब तक हस्तांतरण नहीं हुआ है. 2027 तक जलापूर्ति योजना की देखरेख पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को ही करना है. इस अवधि के बाद एमवीडब्ल्यूएससी को जलापूर्ति योजना हस्तांतरित कर दी जायेगी. इसी बीच जिला प्रशासन द्वारा नयी एमवीडबल्यूएससी का गठन कर प्रखंड प्रमुख को अध्यक्ष, उपप्रमुख को उपाध्यक्ष व बीडीओ को सचिव बनाया है. इस तरह पुरानी और नयी एमवीडबल्यूएससी के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है. पुरानी एमवीडबल्यूएससी को लग रहा है कि जिला प्रशासन उनकी हकमारी करने पर लगा हुआ है, जो जिम्मेदारी उनको मिलनी चाहिए थी, जिला प्रशासन उसे वंचित करने पर तुली है. जिसका पुरानी एमवीडबल्यूएससी अपने बैठक में कई बार विरोध भी कर चुका है.

……………………….पंचायत प्रतिनिधि नगर परिषद या जुस्को को संचालन का जिम्मा देने के पक्ष में नहींबार-बार पानी की आपूर्ति बाधित होने की शिकायत के बाद गाेविंदपुर क्षेत्र के कई पंचायत प्रतिनिधि नगर परिषद या जुस्को को छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के संचालन का जिम्मा देने की मांग जिला प्रशासन से कर चुके हैं. वहीं 90 प्रतिशत पंचायत प्रतिनिधि नगर परिषद या किसी कंपनी को संचालन का जिम्मा देने का विरोध जता चुके हैं. उनका कहना है कि पंचायत क्षेत्र में पंचायत प्रतिनिधि जलापूर्ति योजना को संचालित करने में सक्षम हैं. जिला प्रशासन व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ऑपरेशन और मेंटेनेंस की अवधि पूरा होने के बाद संचालन का जिम्मा उन्हें सौंपे.

……………………………….बुधवार को 21 पंचायत में बाधित का पानी का सप्लाईबुधवार को जमशेदपुर प्रखंड के 21 पंचायत में छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना से पानी आपूर्ति बाधित रही. योजना का संचालन कर रहे ठेकेदार ने बताया कि मंगलवार को दिन में करीब 12 बजे बिजली कट गयी थी, जो बुधवार को दोपहर 1 बजे आयी. इस तरह छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में करीब 24 घंटा बिजली कटी रही. बिजली नहीं रहने की वजह से इंटकवेल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी का उठाव नहीं हो पाया था. जिसकी वजह से बुधवार को 21 पंचायतों में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी.

…………………….मुखिया के बोलफिलहाल छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना ऑपरेशन और मेंटेनेंस की अवधि में है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग इसकी देखरेख कर रहा है. इसलिए वर्तमान समय में संचालन में हो रही परेशानी के लिए पूरी तरह से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जिम्मेदार है. विभाग जलापूर्ति योजना को संचालित करने वाली एजेंसी जेमिनी इंटरप्राइजेज को उनका बकाया भुगतान करे.

-पानो मुर्मू, मुखिया, पूर्वी हलुदबनी.

………………….वर्तमान में पानी की आपूर्ति बाधित होने के लिए मुखिया या कोई पंचायत प्रतिनिधि जिम्मेदार नहीं हैं. जलापूर्ति योजना का संचालन विभागीय स्तर पर हो रहा है. इसलिए एजेंसी का सारा बकाया विभाग को ही देना है. मुखियाओं के द्वारा बनायी गयी एमवीडब्ल्यूएससी को वर्ष 2027 के बाद जलापूर्ति योजना के संचालन का हस्तांतरण किया जायेगा. जिला प्रशासन व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जलापूर्ति योजना के संचालन में आ रही दिक्कतों को दूर करे और आम जनता को नियमित पानी मुहैया कराये.

-सरस्वती टुडू, मुखिया, करनडीह पंचायत…………………………………………………………………………………………………………..क्या कहते हैं ठेकेदार22 महीने का बकाया भुगतान के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिख चुके हैं. इसकी लिखित जानकारी जिला प्रशासन व स्थानीय विधायक को भी दे चुके हैं. बावजूद इसके बकाया भुगतान को लेकर कोई पहल नहीं की गयी है. जबकि योजना के संचालन पर मेरा आर्थिक बोझ बढ़ता ही जा रहा है. इसलिए जलापूर्ति योजना के संचालन में असमर्थ हैं. अब इसकी सारी जवाबदेही जिला प्रशासन और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की होगी.

-अरूण कुमार, ठेकेदार, जेमिनी इंटरप्राइजेज…………………………………क्या कहते हैं लोगप्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के विवाद में हमलोगों को परेशानी हो रही है. जलापूर्ति योजना का संचालन बंद नहीं होना चाहिए, अन्यथा पीने के पानी की काफी दिक्कत होगी. जिला प्रशासन को इसमें हस्तक्षेप कर अविलंब समाधान निकालना चाहिए.

-विश्वजीत भगत…………………….हम नियमित हर महीने जल शुल्क जमा करते हैं. इसलिए हम सबों को नियमित पानी की आपूर्ति होनी चाहिए. जिला प्रशासन अविलंब बकाया भुगतान से संबंधित विवाद को देखे और पानी की आपूर्ति को प्रभावित नहीं होने दें. पानी की सप्लाई प्रभावित होने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा.

-नीलकमल भूमिज…………………………..जिला प्रशासन ठेकेदार को उनका बकाया भुगतान तुरंत करे, ताकि जलापूर्ति बाधित न हो. हम जल कर की राशि को हर महीने जमा करते हैं. इसलिए हमें नियमित पानी की सप्लाई दी जाये.

-सुभाष बारदा

……………………पानी की सप्लाई बंद होने से पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जायेगी. पूरे पंचायत क्षेत्र के लोग सप्लाई पानी पर आश्रित हैं. जिला प्रशासन त्वरित समाधान निकाले और नियमित पानी सप्लाई की व्यवस्था करे.

-धनंजय कुमार

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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