जमशेदपुर: मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, डायनामिक एसीपी देने व डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस रोकने के विरोध में गुरुवार को दूसरे दिन भी सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में चिकित्सा सेवा बंद रही. शुक्रवार को शहर के सभी प्राइवेट क्लिनिक और नर्सिंग होम बंद रखकर डॉक्टर इसका विरोध करेंगे. शुक्रवार को केवल अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा ही चलेगी.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डाॅ. मृत्युंजय कुमार ने बताया कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की गयी तो आइएमए के पदाधिकारी इस्तीफा दे देंगे. मरीजों की सेवा करने के बाद भी सरकार हमारी मांगों की अनदेखी कर रही है. आये दिन डॉक्टरों के साथ हो रही घटना के बाद भी सरकार का ध्यान उनकी सुरक्षा बिंदु पर नहीं है. इसे लेकर चिकित्सकों में आक्रोश भी है.
वहीं, सदर अस्पताल, खासमहल में भी मरीज बिना इलाज के ही लौटे. दोनों जगह ओपीडी की सेवा बंद रही. हालांकि गंभीर मरीजों का इलाज इमरजेंसी में किया गया. एमजीएम में मरीजों की संख्या बढ़ने पर सीनियर डॉक्टरों ने मोरचा संभाला और मरीजों की जांच की.

