जमशेदपुर : अगर काॅरपोरेट कंपनियां, सामाजिक संस्था (एनजीओ) और राज्य सरकार मिलकर काम करें तो सामाजिक दायित्वों को लेकर होने वाले कार्यों में नयी धार अा सकती है. ये बातें बिष्टुपुर स्थित एक होटल में आयोजित कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मेला के दौरान सामने आयीं.
यह सेमिनार इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें कई उद्योगों के सीएसआर से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स के रेजिडेंट डायरेक्टर दीपक भट्टाचार्य ने की.
कार्यक्रम के दौरान टाटा स्टील के सीएसआर के हेड देवदूत मोहंती ने बताया कि टाटा स्टील की ओर से कदम उठाये जा रहे है. इसका लाभ गांवों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इसके अलावा जुस्को के सीएसआर हेड और कंपनी सेक्रेटरी प्रीति सहगल, सेल के एजीएम सीएसआर केपी ठाकुर, जीएम एचआरआइआर संजय श्रीवास्तव, हुडको के एजीएम बी सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे. इस दौरान यह बताया गया कि कई सारी कंपनियां सरकार के साथ मिलकर पीपीपी मोड में काम करती रही हैं. लेकिन इसका बेहतर रिजल्ट सामने नहीं आता है. इसके लिए हर स्तर पर कदम उठाने की जरूरत है. कंपनियां अपनी ओर से प्राथमिकता तय करती है, जिसका अच्छा रिजल्ट सामने आयेगा.

