झारखंड में पांच साल में करंट की चपेट में आने से 20 हाथियों की मौत, वन विभाग ने जारी किया गाइडलाइन

झारखंड में करंट से हाथियों की मौत का मामला नहीं थम रहा है. पिछले पांच साल में करंट से 20 हाथियों की मौत अब तक हो गयी है. हाथियों की सुरक्षा लेकर जहां गाइडलाइन जारी किया है, वहीं बिजली विभाग को नीचे झूलते तारों को 15 दिनों में ऊपर करने को कहा है.
Jharkhand News: झारखंड में पिछले पांच साल में 20 हाथियों की मौत पर वन विभाग गंभीर है. प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने हाथियों की सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी किया है. इसके तहत खेत और जंगलों से गुजरे बिजली के तारों को 15 दिन में ऊपर करने को कहा है. प्रधान मुख्य वन संरक्षक शशिकर सामंता ने क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक समेत अन्य को भेजे पत्र में करंट से हाथियों की मौत पर चिंता जतायी है. पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत जादूगोड़ा के मेचुआ गांव में करंट की चपेट में आकर हाथी की मौत के बाद वन विभाग सक्रिय है. वन विभाग ने घटना को लापरवाही बताते हुए बिजली विभाग के एई और जेई पर प्राथमिकी दर्ज करा दी है. वहीं, रविवार (18 दिसंबर, 2022) को पश्चिमी सिंहभूम के जैंतगढ़ में भी एक हाथी की मौत करंट लगने से हो गयी.
हाथियों की सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश
इधर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक शशिकर सामंता ने हाथियों की सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है. इसके तहत खेत और जंगलों से गुजरे बिजली तारों की ऊंचाई 15 दिनों में बढ़ाने को कहा गया है. साथ ही माना कि करंट से हाथियों की मौत को रोकने और सुरक्षा को लेकर पदाधिकारियों ने पर्याप्त प्रयास नहीं किया. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भी बिजली विभाग को कई बार सुधार के लिए पत्र लिख चुकी है.
हाथियों के मौत के मुख्य कारण
बिजली करंट से जंगली हाथी की मृत्यु के मुख्य कारणों में बिजली तारों की ऊंचाई नहीं होना, तारों में सैग अथवा तारों के नीचे की भूमि (खेत के मेढ़ आदि) का निकटवर्ती भूमि से ऊंचा नहीं होना और बारिश में बिजली के पोल टेढ़ा हो जाना और तार के झूलने से घटनाएं घटित होती है. प्राकृतिक एवं अन्य कारणों को ध्यान में रखकर हाईटेंशन वाले स्थलों पर ध्यान देने को कहा गया. वन विभाग हाथियों को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.
Also Read: Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम के जैंतगढ़ में हाईटेंशन तार ने एक हाथी की ली जान, कौन है जिम्मेवार?
क्या है गाइडलाइन
– बिजली ऑफिस से संपर्क कर बिजली तारों की ऊंचाई 15 दिनों में बढ़ायी जाए
– धान की फसल को बचाने के लिए ग्रामीण खेत के चारों ओर बिजली तार लगाना
– बिजली तार लगाने वालों को चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई करने
– वन संरक्षक एवं वन प्रमंडल पदाधिकारी संवेदनशील गांव का भ्रमण कर स्थल चिह्नित करेंगे
– संयुक्त वन प्रबंधन समिति के माध्यम से हाथियों को भगाने के लिए पटाखा वितरण का निर्देश
- झूलते तारों की स्थिति को बिजली विभाग के ईई को उपलब्ध कराकर उसे दुरुस्त कराएं.
करंट से हाथियों की मौत एक गंभीर मसला : शशिकर सामंता
इस संबंध में रांची के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) शशिकर सामंता ने कहा कि करंट से हथियों की मौत एक गंभीर मसला है. कई जगह पर बिजली के तार 15 फुट से भी कम ऊंचाई से गया है. तारों का नीचे होना और झूलना हाथियों के मौत का कारण बन रहा है. मौत की रोकथाम में स्थानीय स्तर पर विभागीय प्रयास में भी कमी पायी गयी है. क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर बिजली विभाग से समन्वय बनाकर अगले 15 दिनों में संवेदनशील स्थानों से गुजरे बिजली की तार को ऊंचा करने का निर्देश दिया गया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Samir Ranjan
Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




