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देश में पहली बार रांची के आरएमसीएच में रैगिंग के मामले में हुई कानूनी कार्रवाई : जस्टिस संजय प्रसाद

Updated at : 19 Aug 2023 6:12 AM (IST)
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देश में पहली बार रांची के आरएमसीएच में रैगिंग के मामले में हुई कानूनी कार्रवाई : जस्टिस संजय प्रसाद

जमशेदपुर में मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में एंटी रैगिंग वीक का समापन सत्र शुक्रवार को संपन्न हुआ. इस मौके पर झारखंड हाइकोर्ट के जज संजय प्रसाद ने रैंगिंग को काफी बुरी प्रथा बताया. कहा कि वर्ष 1973 में रांची के आरएमसीएच में रैगिंग मामले में पटना हाईकोर्ट द्वारा आरोपी छात्रों को दोषी करार दिया गया था.

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Jharkhand News: जमशेदपुर के बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में एंटी रैगिंग वीक के समापन समारोह का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड हाइकोर्ट के जज संजय प्रसाद, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जमशेदपुर कोर्ट के जिला जज अनिल कुमार मिश्रा, डीडीसी मनीष कुमार व सिटी एसपी के विजय शंकर उपस्थित थे. सभी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की. इस मौके पर झारखंड हाइकोर्ट के जज संजय प्रसाद ने कहा कि रैंगिंग काफी बुरी प्रथा है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1973 में रांची के आरएमसीएच (अब रिम्स) में एक छात्र ने गर्ल्स हॉस्टल में घुस कर रैगिंग किया था. इस मामले में पटना हाईकोर्ट द्वारा आरोपी छात्रों को दोषी करार दिया गया था. उसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी गया था. यह पहला मामला था जब रैगिंग को लेकर कोर्ट ने सजा सुनाई थी. इस मौके पर ग्रुप प्रेसिडेंट सोमनाथ दास, डीन प्रदीप गौड़ा, जमशेदपुर कोर्ट के रजिस्ट्रार उत्कर्ष जैन समेत कई अन्य उपस्थित थे.

रुरल क्षेत्र में एक डॉक्टर पर है 1456 लोगों का लोड

झारखंड हाईकोर्ट के जज संजय प्रसाद ने कहा कि देश में डॉक्टरों की काफी कमी है. अर्बन क्षेत्र में 834 लोगों पर एक डॉक्टर हैं, वहीं रूरल इलाके में 1456 लोगों पर एक डॉक्टर हैं. इस कमी को दूर करने की दिशा में मणिपाल टाटा मडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा किये जाने वाले कार्य सराहनीय है.

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पहले कंस्ट्रक्टिव रैगिंग था, लेकिन यह बढ़ कर क्राइम का रूप ले लिया है : जिला जज

वहीं, जमशेदपुर कोर्ट के जिला जज अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि रैगिंग वर्षों से हो रहा है. पूर्व में यह कंस्ट्रक्टिव तरीके से होता था, लेकिन अब धीरे-धीरे यह बढ़ कर क्राइम का रूप ले रहा है.

मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में 2027 से हो सकेगी पीजी की पढ़ाई

इधर, टाटा मुख्य अस्पताल का विस्तार होगा. अस्पताल कैंपस में ही जी प्लस 6 की एक नयी बिल्डिंग बनेगी. जिसमें 240 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था होगी. कोल्हान समेत आस-पास के क्षेत्र के मरीजों का लोड टीएमएच पर बढ़ने की वजह से यह फैसला लिया गया है. इसके लिए जल्द ही टेंडर निकाली जायेगा. यह जानकारी मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के स्पेशल प्रोजेक्ट्स के ग्रुप प्रेसिडेंट सोमनाथ दास ने दी.

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शहर में देश के अच्छे डॉक्टर मिलेंगे

उन्होंने कहा कि मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज टीएमएच के साथ ही देश को अच्छे डॉक्टर मुहैया करायेगी. इसके लिए बारीडीह में टाटा मणिपाल मेडिकल कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बारीडीह में जी प्लस 9 के तीन टावर बनाए जा रहे हैं. ताकि विद्यार्थियों को बेहतर आधारभूत संरचना प्रदान की जा सके. श्री दास ने बताया कि फिलहाल बारीडीह स्थित टाटा मणिपाल मेडिकल कॉलेज में कुल 150 सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है. जिसमें 25 सीटें झारखंड के बच्चों के लिए खास तौर पर आरक्षित की गयी है.

घोड़ाबांधा व बिरसानगर में पीपीपी मोड पर चलेंगे अर्बन हेल्थ सेंटर

पत्रकारों से बातचीत के दौरान सोमनाथ दास ने कहा कि मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज की ओर से कोल्हान के लोगों को अच्छी चिकित्सीय सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है, इसी कड़ी में यह तय किया गया है कि पूर्वी सिंहभूम जिले में बिरसानगर व घोड़ाबांधा में अर्बन हेल्थ सेंटर की शुरुआत की जायेगी. जहां ना सिर्फ बेहतर आधारभूत रहेगी बल्कि डॉक्टरों के लिए समय-सीमा तय रहेगी. क्षेत्र के लोग वहीं अपना बेहतर नि:शुल्क इलाज करवा सकेंगे. इसके लिए जिला प्रशासन के साथ वार्ता की जा रही है. वहीं, गम्हरिया में भी इसकी शुरुआत की जायेगी. फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे शुरू की जा रही है, आने वाले समय में इसका विस्तार किया जायेगा.

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2027 से मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी पीजी की पढ़ाई

सोमनाथ दास ने कहा कि बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज का यह चौथा साल है. एनएमसी द्वारा पांच साल सफलता पूर्वक संचालित कर लेने के बाद परमानेंट मान्यता प्रदान की जायेगी. उसके बाद पीजी की पढ़ाई शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाई जायेगी. कहा कि 2027 में पीजी की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य है. हालांकि आने वाले दिनों में बारीडीह कैंपस में ओपीडी शुरू किया जायेगा.

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Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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