नाक पर रुमाल रखकर एमसीआइ की टीम ने किया एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Dec 2019 2:41 AM
विज्ञापन
जमशेदपुर : एमजीएम में इतनी दुर्गंध थी कि अस्पताल का निरीक्षण करने आयी तीन सदस्यों की एमसीआइ टीम ने शुक्रवार को नाक पर रुमाल रख जांच की. डॉ भरत जैन (मेडिकल कॉलेज ग्वालियर) के नेतृत्व में टीम में शामिल डॉ एन इंद्र कुमार सिंह व डॉ सुषमा कुशल कटारिया ने अस्पताल व कॉलेज के विभिन्न […]
विज्ञापन
जमशेदपुर : एमजीएम में इतनी दुर्गंध थी कि अस्पताल का निरीक्षण करने आयी तीन सदस्यों की एमसीआइ टीम ने शुक्रवार को नाक पर रुमाल रख जांच की. डॉ भरत जैन (मेडिकल कॉलेज ग्वालियर) के नेतृत्व में टीम में शामिल डॉ एन इंद्र कुमार सिंह व डॉ सुषमा कुशल कटारिया ने अस्पताल व कॉलेज के विभिन्न विभागों को देखा.
एमजीएम में एमबीबीएस की 100 सीटों के लिए एमसीआइ की टीम जांच करने के लिए पहुंची थी. पिछले वर्ष भी एमसीआइ की टीम ने कई खामियां गिनाते हुए एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटों को घटा कर 50 कर दी थी. इसमें डॉक्टरों की संख्या कम होना एक बड़ी वजह बताया गया था.
टीम ने जांच के दौरान कहा कि यहां सिस्टम सुधारने की जरूरत है. इस तरह से अस्पताल नहीं चल सकता है. यहां कोई भी डाटा ऑनलाइन नहीं है, रजिस्टर भी सही ढंग से मेनटेन नहीं हो रहा है. टीम सिटी स्कैन रूम में पहुंची और वहां उपस्थित डॉ बेसरा से पूछा कि कितने आउटडोर व कितने इनडोर मरीजों का सिटी स्कैन हुआ. रजिस्टर सही से मेनटेन नहीं होने के कारण वे इसका जवाब नहीं दे सके.
टीम ने कहा कि रजिस्टर में इनडोर, आउटडोर के अलावे यह भी दर्ज होना चाहिए कि किस वार्ड में मरीज भर्ती हैं, उनका इलाज कौन डॉक्टर कर रहे हैं. इससे पूर्व टीम ने सर्जरी, हड्डी रोग विभाग, ईएनटी व नेत्र रोग विभाग का भी निरीक्षण किया. इन विभागों में मरीजों की संख्या कम पायी गयी. सर्जरी विभाग के स्पेशल वार्ड में 16 बेड हैं, लेकिन यहां छह मरीज ही भर्ती हैं. वहीं, वार्ड में भी अधिकांश बेड खाली मिला, जिसे देख टीम के सदस्यों ने पूछा कि ठंड में तो सर्जरी विभाग में अधिक मरीज होने चाहिए.
ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में भी सिर्फ चार मरीजों का ही माइनर सर्जरी हुआ था, इसके बाद टीम 10 बेड वाले नेत्र रोग विभाग पहुंची. इस दौरान टीम ने अस्पताल के मेडिकल, गायनिक, बच्चा, इमरजेंसी, सर्जरी, आर्थो, इएनटी, पैथोलॉजी, ब्लड बैंक सहित अन्य विभागों को निरीक्षण करने के साथ ही शुक्रवार को इन विभागों में कितने मरीज भर्ती हुए व कितनों को छुट्टी दी गयी, इसके बारे में जानकारी ली.
साथ ही कितने मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे व कितने डॉक्टर अस्पताल में उपस्थित हैं, इसकी जानकारी लेने के साथ ही सभी से हस्ताक्षर कराया. निरीक्षण के दौरान अधीक्षक डॉ संजय कुमार, उपाधीक्षक डॉ नकुल प्रसाद मौजूद थे. वहीं, कॉलेज में निरीक्षण के दौरान प्रिंसिपल डॉ एसी अखौरी मौजूद थे.
मेडिकल कॉलेज का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण टीम में शामिल डॉ सुषमा कुशल कटारिया ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया. इस दौरान कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग, लाइब्रेरी, क्लास रूम सहित अन्य जगहों का निरीक्षण किया. साथ ही कॉलेज के प्रोफेसर, सीनियर व जूनियर डॉक्टरों सहित अन्य के कागजात की जांच की. इसके बाद टीम के सदस्य देर शाम को लौट गयी.
एनआइसीयू में लगे छह वार्मर में थे 17 बच्चे
टीम ने बच्चा वार्ड के निरीक्षण के दौरान पाया कि विभाग की स्थिति अभी भी बदतर है, यहां एनआइसीयू में छह वार्मर पर 17 बच्चे भर्ती थे. एक-एक वार्मर पर दो-दो बच्चे भर्ती थे. एक वार्मर पर तीन बच्चे भर्ती थे, जिसे देख टीम के सदस्यों ने चिंता जाहिर की कहा- इससे इंफेक्शन एक से दूसरे बच्चों में फैलने की संभावना अधिक है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










