सुनिए झारखंड के नायकों को - खेल और खिलाड़ियों के विकास पर ध्यान दे सरकार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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जमशेदपुर की रहनेवाली अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर हैं. 2006 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल किया. दिल्ली में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के वेल्टरवेट में कांस्य पदक जीती. 2003 में एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड व 2005 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया. पिछले तीन नेशनल गेम्स में पदक जीती. विश्वकप पुलिस गेम्स में भी स्वर्ण पदक हासिल किया.

अरुणा मिश्र
झा रखंड बने 19 साल हो चुके हैं और हम 20वें वर्ष में कदम रख चुके हैं. इस राज्य में खेल का विकास अभी तक सही ढंग का नहीं हो सका है. पिछले कुछ सालों में हमारे राज्य के खेल में गिरावट की महसूस की जा रही है. इसका मुख्य कारण है अच्छे खिलाड़ियों का पलायन. आनेवाली कोई भी सरकार हो, वह सबसे पहले पलायन को रोके.
राज्य के खिलाड़ी यहां पर खेल सीखते हुए बड़े होते हैं. जब उच्च स्तर के खिलाड़ी बन जाते हैं, तो नौकरी की तलाश में दूसरी जगह चले जाते हैं. जिससे राज्य को खेल के क्षेत्र में काफी नुकसान हो रहा है. सरकार खेल नीति बनाये और हर क्षेत्र की नौकरी में आरक्षण दे.
जैसे ही किसी खिलाड़ी को सीनियर नेशनल व अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक मिले, वैसे ही सरकार नौकरी दे दे. पिछली कुछ सरकारों ने दो प्रतिशत नौकरी देने की बात कही थी, मगर उसे सही ढंग से लागू नहीं किया गया. वहीं ट्रेनिंग के लिए मध्यप्रदेश राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे सरकारी ट्रेनिंग सेंटर का मॉडल झारखंड भी अपनाये.
वोट की अपील
राज्य में काम करनेवाली सरकार हर कोई चाहता है. इसलिए जब तक चुनाव में आप अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे. यह संभव नहीं है. घर से निकलें अौर चुनाव के दिन मतदान स्थल पर जायें अौर वोट करें. यह आपके लिए, राज्य के लिए अौर देश हित के लिए अच्छा रहेगा.
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