ठेका मजदूरों को भी स्किल टेस्ट पास करना हुआ अनिवार्य, ट्रेनिंग के लगेंगे पैसे

Updated at : 18 Jan 2019 11:03 AM (IST)
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ठेका मजदूरों को भी स्किल टेस्ट पास करना हुआ अनिवार्य, ट्रेनिंग के लगेंगे पैसे

टाटा स्टील में कम होंगे पांच हजार ठेकाकर्मी नहीं रहेगा कोई अनस्किल्ड, मिलेगी ट्रेनिंग जमशेदपुर : टाटा स्टील में पांच हजार ठेका कर्मचारी कम होंगे. प्रबंधन दक्ष ठेका कर्मचारियों से अत्याधुनिक मशीनों का संचालन कराकर उत्पादकता को बढ़ाना चाहता है. सभी ठेका कर्मचारियों का कुशल होना अनिवार्य हो गया है. वर्तमान में कंपनी में चार […]

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टाटा स्टील में कम होंगे पांच हजार ठेकाकर्मी नहीं रहेगा कोई अनस्किल्ड, मिलेगी ट्रेनिंग

जमशेदपुर : टाटा स्टील में पांच हजार ठेका कर्मचारी कम होंगे. प्रबंधन दक्ष ठेका कर्मचारियों से अत्याधुनिक मशीनों का संचालन कराकर उत्पादकता को बढ़ाना चाहता है. सभी ठेका कर्मचारियों का कुशल होना अनिवार्य हो गया है. वर्तमान में कंपनी में चार केटेगरी में ठेका मजदूर कार्यरत है. इसमें हाइली स्किल्ड, स्किल्ड, सेमी स्किल्ड और अन स्किल्ड शामिल है.

जो ठेका कर्मचारी कुशल नहीं होगा, उसकी नौकरी खत्म हो जायेगी. इस तरह कंपनी में कार्यरत लगभग पांच हजार ठेका मजदूरों की छंटनी तय मानी जा रही है. अंतरराष्‍ट्रीय स्तर पर कंपनी को मिल रही चुनौती व साख बढ़ाने के लिए टाटा स्टील ने कार्यरत ठेका मजदूरों के लिए स्किल टेस्ट पास करना अनिवार्य कर दिया है. सभी ठेकेदारों को नोटिस देकर कर्मचारियों को ट्रेनिंग दिलाने को कहा गया है. ट्रेनिंग के लिए कंपनी ने दिन और राशि निर्धारित कर दी है. ट्रेनिंग के बाद ठेका कर्मचारी एक बार स्किल टेस्ट में फेल होने पर अगले छह माह बाद ही दोबारा टेस्ट दे सकेगा. ट्रेनिंग में पास होने पर ही काम पर रखा जायेगा. जो पहले से काम कर रहे हैं और स्किल टेस्ट में फेल हो जाते हैं तो उन्हें भी हटा दिया जायेगा. तय प्लान के अनुसार जमशेदपुर प्लांट में ठेका कर्मी नजर आयेंगे.

सुपरवाइजर की ट्रेनिंग पर लगेंगे 56 हजार, हेल्पर के लिए चार हजार निर्धारित
जमशेदपुर. टाटा स्टील में कार्यरत ठेका कर्मचारियों को एक माह से लेकर एक सप्ताह तक की ट्रेनिंग दी जा रही है. सुपरवाइजर की ट्रेनिंग फीस 56 हजार रुपये और एक माह का समय निर्धारित किया गया है. सुपरवाइजर स्तर के कर्मचारी को प्रतिदिन सुबह में ट्रेनिंग और शाम में टेस्ट लिया जा रहा है. ट्रेनिंग की अवधि समाप्त होने पर पुन: ट्रेस्ट में शामिल होना पड़ रहा है. ट्रेनिंग में पास होने पर ही कर्मचारी का गेट पास निर्गत होगा. ठेकाकर्मी जहां काम करता है, उस जॉॅब से संबंधित स्किल टेस्ट कंपनी की एक्सपर्ट टीम ले रही है. टेस्ट में पास होने के बाद ठेकेदार सेफ्टी, मेडिकल टेस्ट करा सकेगा. नया नियम अनस्किल्ड कर्मियों के लिए परेशानी बन गया है.
सेफ्टी के साथ मिलेगा क्वालिटी प्रोडक्शन
जमशेदपुर. टाटा स्टील ने दक्ष ठेका कर्मचारियों से सेफ्टी के साथ-साथ क्वालिटी प्रोडक्शन इंप्रूफ करने का प्रस्ताव टाटा वर्कर्स यूनियन को दिया है. कंपनी के सिंटर प्लांट, आरएमएम, एच ब्लास्ट फर्नेस, जी ब्लास्ट फर्नेस व पिलेट प्लांट में री-ऑर्गेनाइजेशन के जरिये कंपनी इसमें पहल करेगी. इसके बाद एलडी-1, एलडी-2, सिक्योरिटी व फ्यूल डिवीजन में कर्मचारियों की संख्या में कटौती होगी. टाटा वर्कर्स यूनियन नेता इस मामले में फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे है.
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