एनजीडीआरएस लागू, रुकेगा फर्जीवाड़ा, अब 45 नहीं, 07 मिनट में रजिस्ट्री
Updated at : 25 Oct 2018 4:49 AM (IST)
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जमशेदपुर : जमशेदपुर से बुधवार को नेशनल जेनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएस) के जरिये रजिस्ट्री की शुरुआत कर दी गयी. जमशेदपुर के रजिस्ट्री कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसकी औपचारिक शुरुआत देश के डीओसीआर (डिपार्टमेंट ऑफ सिविल रजिस्ट्रेशन) के ज्वाइंट सेक्रेटरी केएस मीणा ने की. इस दौरान एनजीडीआरएस के […]
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जमशेदपुर : जमशेदपुर से बुधवार को नेशनल जेनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएस) के जरिये रजिस्ट्री की शुरुआत कर दी गयी. जमशेदपुर के रजिस्ट्री कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसकी औपचारिक शुरुआत देश के डीओसीआर (डिपार्टमेंट ऑफ सिविल रजिस्ट्रेशन) के ज्वाइंट सेक्रेटरी केएस मीणा ने की.
इस दौरान एनजीडीआरएस के माध्यम से पहली रजिस्ट्री की गयी. इसके साथ ही जमशेदपुर राज्य का पहला जिला बन गया, जहां एनजीडीआरएस से रजिस्ट्री हो रही है. झारखंड देश का चौथा राज्य बन गया, जहां यह व्यवस्था शुरू की गयी है. इससे पहले गोवा, अंडमान निकोबार और पंजाब में यह लागू है. फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत जमशेदपुर में लागू किया गया है. बाद में पूरे राज्य में लागू किया जायेगा.
सीएनटी के तहत की गयी रजिस्ट्री का भी सिस्टम बनेगा: रजिस्ट्री ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में आइजी रजिस्ट्रेशन ए मुथु कुमार ने कहा : सीएनटी व एसपीटी एक्ट के तहत की गयी रजिस्ट्री का भी सिस्टम बनेगा.
एनजीडीआरएस के सिस्टम से त्रुटियां न हो, इसकी व्यवस्था की जा रही है. हर गांव को एक यूनिक कोड नंबर दिया जा रहा है. इसके माध्यम से गांव की पहचान होगी. जमीन का डाटाबेस तैयार हो रहा है. इसके माध्यम से जमीन की डाटा इंट्री की जायेगी. आधार के माध्यम से ही सारा कामकाज हो रहा है. जहां तक आधार के सर्वर का मामला है, तो इसका अलग सेंटर है, जिससे राज्य सरकार का कोई लेना-देना नहीं होता है.
टाटा लीज की रजिस्ट्री पर आइजी ने साधी चुप्पी
यह सवाल पूछे जाने पर कि जमशेदपुर में रजिस्ट्री ही नहीं हो रही है, क्योंकि आधी से अधिक जमीन टाटा लीज एरिया की है, आइजी ने ज्यादा कुछ बताने से इनकार किया. उन्होंने कहा : आज सिर्फ एनजीडीआरएस पर ही बात करेंगे.
कैसे हुआ लागू
– जमशेदपुर में इसे लागू करने में सब-रजिस्ट्रार वैभव मणि त्रिपाठी लगातार प्रयासरत रहे
– जुलाई 2017 में दिल्ली में हुई कार्यशाला के बाद रामगढ़ और जमशेदपुर को पायलट जिले के तौर पर जोड़ा गया, लेकिन इसे लागू करने में रामगढ़ पिछड़ गया
-मई 2018 में एक भ्रमण दल निबंधन महानिरीक्षक के नेतृत्व में पुणे गया. वहां एनजीडीआरएस के मैकेनिज्म को समझने के बाद राज्य ने यह व्यवस्था करने का फैसला लिया
-24 अक्तूबर को जमशेदपुर में पायलट प्रोजेक्ट को लांच किया गया
भूमि माफियाओं पर लगेगी लगाम
भूमि माफियाओं पर लगाम लग सकेगी. प्रतिबंधित जमीन की अब रजिस्ट्री संभव नहीं हो सकेगी. इसका रिकॉर्ड भी सेफ रहेगा और मिनटों में काम हो सकेगा. -अमित कुमार, डीसी कार्यक्रम में थे
कार्यक्रम के दौरान आइजी रजिस्ट्रेशन ए मुथु कुमार, डीआइजी शहाब सिद्दीकी, एआइजी अविनाश कुमार, एसडीओ चंदन कुमार, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर सुबोध कुमार, सब-रजिस्ट्रार वैभव मणि त्रिपाठी समेत अन्य लोग मौजूद थे.
एनजीडीआरएस की खूबियां
एक रजिस्ट्री करवाने में अब सात से 10 मिनट ही लगेंगे. औसतन 20 से 25 मिनट समय बचेगा
निबंधन डाटा का स्टोरेज क्लाउड में होगा. यह डाटा अधिक सुरक्षित होगा. सर्वर क्रैश होने जैसी समस्या से निजात मिलेगी.
मौजूदा सॉफ्टवेयर पीएचपी पर विकसित हुआ है, जो पूर्व से बेहतर है
डाटा बेस तैयार होगा. इसमें सर्च करना आसान होगा
सरकारी जमीन समेत अन्य प्रतिबंधित भूमि की सूची सर्वर में अपलोड रहेगी. ऐसी भूमि के निबंधन पर रोक लगायी जा सकेगी
डाटा बेस मेंटेनेंस आसान और सस्ता होगा. सरकार के राजस्व की बचत भी होगी
विभिन्न सरकारी एजेंसियों और विभागों के साथ जैसे इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट, इनकम टैक्स आदि से बेहतर सहयोग का प्लेटफॉर्म तैयार किया जा सकेगा मारगा ने करायी पहली रजिस्ट्री. एनजीडीआरएस के जरिये पहली रजिस्ट्री एमजीएम थाना क्षेत्र के भिलाई पहाड़ी निवासी मारगा पाड़िया ने करायी. उसने अपनी दो कट्ठा (3.30 डिसमिल) जमीन दो लाख 12 हजार रुपये में मुनि सोरेन के नाम रजिस्ट्री करायी. रजिस्ट्रार वैभव मणि त्रिपाठी ने रजिस्ट्री की.
एनजीडीआरएस लागू करने वाला राज्य का पहला जिला बना पूर्वी सिंहभूम, देश का चौथा राज्य बना झारखंड
15 तक पूरे राज्य में लागू होगा.
जमशेदपुर से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गयी है. 15 नवंबर तक पूरे राज्य में एनजीडीआरएस सिस्टम को लागू कर दिया जायेगा. इससे गलत तरीके से रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी.
– ए मुथु कुमार, आइजी रजिस्ट्रेशन
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