एक्सएलआरआइ के विक्रम मिश्री चीन में होंगे राजदूत, गौतम बंबावाले की जगह लेंगे
Updated at : 08 Oct 2018 6:54 AM (IST)
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जमशेदपुर : एक्सएलआरआइ जमशेदपुर के पूर्व छात्र विक्रम मिश्री चीन में भारत के अगले राजदूत होंगे. विदेश मंत्रालय ने इसकी घोषणा कर दी है. वे गौतम बंबावाले की जगह लेंगे. विक्रम मिश्री को अहम जिम्मेवारी सौंपे जाने पर एक्सएलआरआइ प्रबंधन में जहां उत्साह है, वहीं उन्हें पढ़ानेवाले शिक्षक शरद सरीन भी काफी खुश हैं. श्री […]
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जमशेदपुर : एक्सएलआरआइ जमशेदपुर के पूर्व छात्र विक्रम मिश्री चीन में भारत के अगले राजदूत होंगे. विदेश मंत्रालय ने इसकी घोषणा कर दी है. वे गौतम बंबावाले की जगह लेंगे. विक्रम मिश्री को अहम जिम्मेवारी सौंपे जाने पर एक्सएलआरआइ प्रबंधन में जहां उत्साह है, वहीं उन्हें पढ़ानेवाले शिक्षक शरद सरीन भी काफी खुश हैं.
श्री सरीन ने कहा कि विक्रम मिश्री 1984-1986 बैच का स्टूडेंट था. उसने एक्सएलआरआइ से एमबीए की डिग्री हासिल की. शरद सरीन ने कहा कि आम तौर पर एक्सएलआरआइ से पासआउट होने के बाद विद्यार्थी को मल्टीनेशनल कंपनी में ऊंचे पैकेज पर नौकरी मिल जाती है अौर वे उसे ज्वाइन भी कर लेते हैं. विक्रम मिश्री का भी कैंपस प्लेसमेंट हुआ था. लेकिन उन्होंने किसी कंपनी में नौकरी करने के बजाय यूपीएससी की तैयारी की अौर सफलता हासिल की.
विक्रम मिश्री 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी बने. विक्रम मिश्री ने म्यांमार में भारत के राजदूत का प्रभार 31 अगस्त, 2016 को संभाला था. उनका जन्म 7 नवंबर 1964 को श्रीनगर में हुआ था. उन्होंने ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की. दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री हासिल की अौर इसके बाद एक्सएलआरआइ से मैनेजमेंट की शिक्षा हासिल की.
विक्रम में है डोकलाम विवाद सुलझाने की शक्ति : शरद सरीन ने कहा कि एक्सएलआरआइ में क्रीम स्टूडेंट ही आते हैं. लेकिन कई स्टूडेंट एक्सट्रा अॉडिनरी होते हैं, उसी में एक विक्रम है. उन्होंने कहा कि एक्सएलआरआइ में पढ़ाई के साथ ही अक्सर डिबेट व ग्रुप डिस्कशन होता है. मुझे याद है कि विक्रम मिश्री अक्सर सब पर भारी पड़ता था.
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अभी भारत व चीन के बीच डोकलाम विवाद गहराया हुआ है, उसे हल करने में विक्रम की कूटनीति व उसकी आइक्यू जरूर सफल होगी. फिलहाल वे म्यांमार में भारत के राजदूत के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ विदेश मंत्रालय में भी अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं. उन्होंने यूरोप, अफ्रीका, एशिया और उत्तर अमेरिका सहित भारत के कई दूतावासों में सेवाएं दी हैं.
एक सप्ताह में मिली दो खुशखबरी, दोनों स्टूडेंट कश्मीरी निकले
एक्सएलआरआइ प्रबंधन के लिए अक्तूबर का पहला सप्ताह तोहफे से भरा रहा है. कारण है कि इसी सप्ताह आइसीआइसीआइ बैंक के एमडी के रूप में एक्सएलआरआइ के पूर्व छात्र संदीप बख्शी ने पदभार ग्रहण किया. साथ ही इसी सप्ताह एक्सएलआरआइ के पूर्व स्टूडेंट विक्रम मिश्री का चयन चीन में भारत के राजदूत के लिए किया गया.
इन दोनों चयन में कई समानताएं थी. दोनों ने एक्सएलआरआइ से मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की, दोनों ने बीएमडी कोर्स किया था. दोनों कश्मीर के रहनेवाले थे अौर दोनों के शिक्षक भी शरद सरीन ही थे.
चार वर्ष पूर्व हुई थी मुलाकात
प्रोफेसर शरद सरीन ने बताया कि विक्रम का क्लासफेलो अभिषेक लाहा दिल्ली में रहता है. उसने करीब चार साल पहले अपने यहां मुझे खाने पर बुलाया था, जिसमें विक्रम मिश्री भी शामिल था. बड़े अदब से उसने पांव छूने की कोशिश की पर मैने उसे रोककर गले लगा लिया और जीवन में हमेशा आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया.
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