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आरटीजीएस का फॉर्म बदल करोड़ों ट्रांसफर कराने वाला धराया, आभूषण व दस्तावेज जब्त

Updated at : 08 Oct 2018 5:20 AM (IST)
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आरटीजीएस का फॉर्म बदल करोड़ों ट्रांसफर कराने वाला धराया, आभूषण व दस्तावेज जब्त

जमशेदपुर : एसबीआइ, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक में अारटीजीएस का अावेदन फॉर्म बदलकर अपने फर्जी खातों में एक करोड़ की राशि ट्रांसफर करने वाला ठग सुनीत गौतम उर्फ दिलीप कुमार उर्फ रंजन कुमार उर्फ मुकेश कुमार उर्फ विनय कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. सुनीत मूलरूप से बिहार के गया का रहने […]

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जमशेदपुर : एसबीआइ, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक में अारटीजीएस का अावेदन फॉर्म बदलकर अपने फर्जी खातों में एक करोड़ की राशि ट्रांसफर करने वाला ठग सुनीत गौतम उर्फ दिलीप कुमार उर्फ रंजन कुमार उर्फ मुकेश कुमार उर्फ विनय कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. सुनीत मूलरूप से बिहार के गया का रहने वाला है. छह अक्तूबर को सुनीत बिष्टुपुर इंडियन बैंक में 2.84 लाख रुपये का चेक आरटीजीएस करने पहुंचा था.
इस बीच पूर्व की घटना के बाद बैंक को उपलब्ध कराये सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बैंककर्मियों ने उसे रोक लिया और फिर मौके पर पहुंची पुलिस ने पकड़ लिया. बिष्टुपुर साइबर थाने की टीम व बिष्टुपुर पुलिस सुनीत को लेकर रांची के तुपूदाना स्थित रामसखी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 3ए पहुंची. पुलिस ने फ्लैट की तलाशी लेकर जालसाजी की रकम से खरीदे गये 11 लाख के आभूषण, कई बैंकों की चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, इंडिगो कार, आरटीजीएस के आवेदन फॉर्म समेत कई अन्य दस्तावेजों को बरामद किया है.
सुनीत पिछले तीन वर्ष से जालसाजी का काम कर रहा था. उसने कई बैंकों में फर्जी नाम से खाता खुलवा रखा है, जिसमें वह राशि ट्रांसफर करता था. इसकी जानकारी एसएसपी अनूप बिरथरे ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में दी. इस मौके पर एसपी सिटी प्रभात कुमार, डीएसपी सीसीआर सुधीर कुमार, डीएसपी साइबर थाना जयश्री कुजूर, बिष्टुपुर थानेदार श्रीनिवास, इंस्पेक्टर साइबर थाना राजीव कुमार, दारोगा हरेंद्र कुमार दूबे भी मौजूद थे. बिष्टुपुर में दो बड़ी घटना को अंजाम दे चुका है सुनीत : बिष्टुपुर थानेदार श्रीनिवास ने बताया कि सुनीत ने बिष्टुपुर में दो बड़ी घटना को अंजाम दिया था.
फरवरी 2017 में एसबीआइ बैंक बिष्टुपुर मुख्य शाखा से पांच लाख रुपये की राशि को सुनीत ने आरटीजीएस के जरिये ट्रांसफर किया था. इसके बाद बिष्टुपुर बैंक ऑफ इंडिया से 1.69 लाख की राशि ट्रांसफर की थी. बिष्टुपुर इंडियन बैंक से भी पूर्व में सुनीत जालसाजी कर चुका है.
दोबारा पहुंचने पर वह पकड़ा गया. थानेदार ने बताया कि साइबर अपराध के तहत पुलिस ने कुछ पीड़ितों का रुपये लौटने का भी काम करवाया है. बिष्टुपुर के स्टॉक मार्केट कंपनी चलाने वाले दिलीप डोकानिया का 32 लाख रुपये दो वर्ष बाद लौटाया गया है. इसी तरह से आनंद होटल के मालिक की पेटीएम के जरिये उड़ाये गये 45 हजार रुपये को भी पुलिस ने वापस लौटवाया है.
बैंक में लंच के समय आरटीजीएस का आवेदन फॉर्म बदलता था
एसएसपी को पूछताछ में सुनीत ने बताया कि उसके पिता विजय कुमार बोकारो स्टील प्लांट में वरीय अधिकारी थे. उसने संत जेवियर्स स्कूल से पढ़ाई की और बैंक की तैयारी कर रहा था. रोजगार नहीं मिलने पर तीन वर्ष पूर्व इस धंधे में उतर आया. रांची में नीरज सिन्हा के 12 हजार रुपये मासिक किराये के फ्लैट पर वह रहने लगा. जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद के बैंकों में वह आरटीजीएस का फॉर्म बदलकर खाते में रुपये ट्रांसफर कराता था.
एसएसपी ने बताया कि बैंक में आरटीजीएस काउंटर पर सुनीत खड़ा रहता था, जिस आरटीजीएस के आवेदन फॉर्म के साथ लगे चेक की रकम लाखों में होती थी. उस आवेदन फॉर्म को सुनीत बैंक के लंच ऑवर में काउंटर पर बैठे पदाधिकारी को चकमा देकर फॉर्म ले लेता और फिर अपने पास रखे आवेदन फॉर्म को चेक के साथ वापस काउंटर पर जमा कर देता.
ऐसे में राशि उसके खाते में चली जाती थी. पुलिस को सुनीत ने बताया है कि उसने कुछ लोगों को अपने साथ जोड़कर खाता खुलवाया है और उनमें ट्रांसफर हुई राशि को निकाल लेता था. इसके एवज में खाताधारी को कुछ रकम देता था. इस बिंदु पर भी पुलिस छानबीन कर रही है.
एटीएम में लिमिट होने पर आभूषण खरीदता था
एसएसपी ने बताया कि लाखों रुपये की राशि को खाते में आरटीजीएस के जरिये ट्रांसफर करने के बाद एटीएम के जरिये सुनीत राशि निकालता था. एटीएम कार्ड का लिमिट समाप्त होने के बाद वह खाते में बची शेष राशि का आभूषण खरीद लेता था.
गया व रामगढ़ में गैस गोदाम खोलने वाला था
सुनीत ने बताया कि जालसाजी की राशि से वह गया और रामगढ़ में गैस गोदाम खोलने वाला था. इसके लिए उसने एक महीने पूर्व एग्रीमेंट पेपर तैयार किया था. पुलिस को यह भी पता चला है कि रांची के यूनियन बैंक में कुछ दिनों पहले भी सुनीत ने घटना को अंजाम दिया था, जिसकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरा में कैद है. घटना के बाद रांची यूनियन बैंक के कर्मचारी को सस्पेंड भी कर दिया गया था.
ये सामान हुए हैं बरामद
आभूषण (350 ग्राम) कीमत 10.57 लाख, विभिन्न बैंकों का चेक बुक 27 पीस, एटीएम कार्ड 40 (सुनीत गौतम, विनय कुमार व नीलम कुमारी के नाम से), 21 पासबुक, 14 आधार कार्ड, 10 पैन कार्ड, 12 वोटर आइकार्ड, 51 एनइएफटी-आरटीजीएस डिपाजिट फॉर्म, 10 मोबाइल, एक टैब, कलाई घड़ी दो, दो ड्राइविंग लाइसेंस, दो बिग बाजार का कार्ड, 70 पासपोर्ट साइज फोटो, आर्मी मेजर की नकली मुहर, एलपीजी गैस गोदाम/शोरूम से संबंधित लीज पेपर, दो स्टांप पैड, इंडिगाे कार बरामद किया है.
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