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सेना की भूमि के बदले में उतनी ही जमीन दे सरकार, तभी एनओसी

Updated at : 11 Sep 2018 4:09 AM (IST)
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सेना की भूमि के बदले में उतनी ही जमीन दे सरकार, तभी एनओसी

प्रस्तावित एयरपोर्ट के पास 198.40 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने काे मंत्रालय ने कहा जिला प्रशासन को जमीन चिह्नित करने का निर्देश जमशेदपुर : रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए सेना की 198.40 एकड़ जमीन देने पर सशर्त सहमति प्रदान कर दी है. राज्य सरकार को इतनी ही जमीन एयरपोर्ट […]

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प्रस्तावित एयरपोर्ट के पास 198.40 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने काे मंत्रालय ने कहा

जिला प्रशासन को जमीन चिह्नित करने का निर्देश
जमशेदपुर : रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए सेना की 198.40 एकड़ जमीन देने पर सशर्त सहमति प्रदान कर दी है. राज्य सरकार को इतनी ही जमीन
एयरपोर्ट के नजदीक देनी होगी. रक्षा मंत्री की सशर्त सहमति के बाद नागर विमानन विभाग ने जिला प्रशासन को रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने लायक 198.40 एकड़ जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया है. इसके िलए परिवहन एवं नागर विमानन विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखा है.
क्या है पत्र में : सचिव की ओर से लिखे गये पत्र में कहा गया है कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के विकास के लिए चिह्नित 570 एकड़ जमीन में से 198.40 एकड़ पर रक्षा मंत्रालय के दावे की जांच की जा रही है. भू-राजस्व विभाग के परामर्श के आलोक में दानापुर कैंट के रक्षा संपदा अधिकारी से भूमि अधिग्रहण संबंधी अभिलेख की मांग की गयी है. रक्षा मंत्री ने रक्षा मंत्रालय की जमीन पर एयरपोर्ट के विकास के लिए सशर्त सहमति दे दी है. रक्षा मंत्री ने पत्र में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार को वांछित जमीन के बदले नजदीक में उसी समतुल्य बाधा मुक्त जमीन उपलब्ध करानी होगी.
इसके बाद ही अौपचारिक प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जायेगा. सचिव ने उपायुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि जांच में 198. 40 एकड़ जमीन पर रक्षा मंत्रालय का दावा स्पष्ट होता है, तो राज्य सरकार को प्रस्तावित एयरपोर्ट के नजदीक इतनी ही भूमि देनी होगी. सचिव ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के आसपास रक्षा मंत्रालय को देने लायक 198.40 एकड़ जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट भेजने को कहा है.
प्रस्तावित एयरपोर्ट की 198.40 एकड़ जमीन पर दावा करती है सेना
जिला प्रशासन ने तीन बार भेजा है प्रस्ताव
जिला प्रशासन ने पूर्व में 1070 एकड़ जमीन पर एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था. इसके बाद छोटा एयरपोर्ट का प्रस्ताव भेजने कहा गया था
बाद में जिला प्रशासन ने पिछले साल 150 एकड़ जमीन पर एयरपोर्ट बनाने के लिए जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजा था
छह मई को एयरपोर्ट अथॉरिटी अॉफ इंडिया, डीजीसीए की टीम ने प्रस्तावित एयरपोर्ट का निरीक्षण किया व तकनीकी आधार पर 150 एकड़ के प्रस्ताव को रद्द करते हुए बड़े एयरपोर्ट का प्रस्ताव भेजने कहा
इसके बाद जिला प्रशासन 570 एकड़ जमीन पर एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव भेजा
सेना का लंबे समय से है दावा
जिस जमीन पर सेना का दावा है, उसे जिला प्रशासन हाल सर्वे खतियान के अनुसार वन भूमि बताता है
रैयती जमीन की कीमत 43 करोड़ रुपये
570 एकड़ में 506. 42 एकड़ वन भूमि, 57.03 एकड़ रैयती अौर 6.55 एकड़ गैर मजरुआ सरकारी जमीन है
57. 03 एकड़ रैयती जमीन का मूल्यांकन 43 करोड़ रुपये प्रशासन की टीम ने की थी
4400 मी लंबा और 409 मीटर चौड़ा रनवे बनाने का प्रस्ताव है
एक लाख सैनिकों को कम करने की तैयारी
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