सीजीपीसी चुनाव सिर पर,विवाद चरम पर

Updated at : 04 Jun 2014 10:20 AM (IST)
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सीजीपीसी चुनाव सिर पर,विवाद चरम पर

जमशेदपुर: सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पद को लेकर गुरुद्वारों में चल रही चुनाव की प्रक्रिया में विवाद चरम पर है. एक जून को टिनप्लेट गुरुद्वारा में हुई तलवारबाजी की घटना से यह साबित हो गया है. इधर, साकची गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव को लेकर ट्रस्टी अवतार सिंह फुरती को धमकी भी दी जा […]

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जमशेदपुर: सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पद को लेकर गुरुद्वारों में चल रही चुनाव की प्रक्रिया में विवाद चरम पर है. एक जून को टिनप्लेट गुरुद्वारा में हुई तलवारबाजी की घटना से यह साबित हो गया है.

इधर, साकची गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव को लेकर ट्रस्टी अवतार सिंह फुरती को धमकी भी दी जा चुकी है. गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा के चुनाव में चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के लिए सिख युवक छह घंटे तक निशान साहिब पर चढ़ा रहा. जहां पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ था. सीजीपीसी के चुनाव के मद्देनजर शैलेंद्र सिंह गुट और वर्तमान प्रधान इंद्रजीत सिंह गुट दोनों प्रत्येक गुरुद्वारा में

अपने-अपने उम्मीदवार खड़ा कर रहे हैं. टिनप्लेट, साकची, गौरी शंकर रोड और टुइलाडुंगरी गुरुद्वारा में चुनाव होना बाकी है. इन गुरुद्वारों के चुनाव पर दोनों ग्रुप की निगाहे टिकी हैं. उक्त गुरुद्वारों में चुनाव होने के बाद ही सीजीपीसी की चुनाव प्रक्रिया आरंभ कर दी जायेगी. सीजीपीसी चुनाव की प्रक्रिया अगस्त-सितंबर माह में शुरू होनी है.

क्या महत्व है गुरुद्वारा के प्रधान के चुनाव का
गुरुद्वारा के प्रधान पद का चुनाव सीजीपीसी के प्रधान पद के चुनाव के लिए महत्वपूर्ण है. गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान चुने जाने के बाद प्रधान अपने ग्रुप की टीम तैयार करते हैं. इस टीम के सदस्य सीजीपीसी में वोटिंग कर प्रधान चुनते हैं. शहर के बड़े गुरुद्वारों में कुल 10-10 वोटर और छोटे गुरुद्वारों में तीन से लेकर पांच वोटर सीजीपीसी में वोटिंग करते हैं. यही कारण है कि सीजीपीसी में वोटर तैयार करने के लिए दोनों गुट के लोग गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव पर विशेष नजर रखे हुए हैं.

बाहरी गुरुद्वारों में विवाद नहीं
सीजीपीसी के चुनाव में कुल 34 गुरुद्वारा कमेटियां आती हैं. चुनाव में लगभग 177 वोटर हैं. इसमें शहर 29 गुरुद्वारा कमेटियों को छोड़कर बाहर के घाटशिला, चाईबासा, गम्हरिया, किरीबुरु, मुसाबनी गुरुद्वारा कमेटी शामिल हैं. बाहर के पांचों गुरुद्वारा कमेटी विवाद से परे हैं.

अधिकांश गुरुद्वारे में विवाद
वर्तमान समय में अधिकांश गुरुद्वारे में विवाद चल रहा है. जिन गुरुद्वारों में पहले विवाद नहीं था, इस बार के गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव में वहां पर भी विवाद उत्पन्न हो गया है. उक्त चारों गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान का चुनाव होना बाकी है. हंगामे के बाद मानगो, सोनारी , मनीफिट, आजादबस्ती, कीताडीह गुरुद्वारा (पहली बार), सीतारामडेरा गुरुद्वारा, बारीडीह गुरुद्वारा में विवाद के बाद प्रधान का चुनाव हुआ. मनीफिट, आजादबस्ती, मानगो गुरुद्वारा के चुनाव में सीजीपीसी को हस्तक्षेप करने नहीं दिया गया. सीतारामडेरा गुरुद्वारा के चुनाव में सीजीपीसी को महिलाओं ने घेर लिया था. सेंट्रल स्त्री सत्संग सभा के चुनाव में भी पहली बार विवाद खड़ा हो गया है. कलमजीत कौर को पिछले दिनों प्रधान चुना गया है, लेकिन कमलजीत के विरोध में महिलाओं की एक टीम तैयार हो गयी है.

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