डेंजर बाजार: 25000 वोल्ट के तार के ऊपर लगता है हाट

Updated at : 03 Jun 2014 9:40 AM (IST)
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डेंजर बाजार: 25000 वोल्ट के तार के ऊपर लगता है हाट

जमशेदपुर: चक्रधरपुर मंडल का मॉडल स्टेशन टाटानगर बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है. स्टेशन से गुजरने वाली या खड़ी ट्रेन कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकती है. 25 हजार वोल्ट ओवर वायर के ऊपर बने रेलवे ब्रिज पर फुटपाथी दुकानदार बाजार लगा रहे हैं. वहीं बाजार समाप्त होने के बाद दुकानदार प्लास्टिक का […]

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जमशेदपुर: चक्रधरपुर मंडल का मॉडल स्टेशन टाटानगर बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है. स्टेशन से गुजरने वाली या खड़ी ट्रेन कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकती है. 25 हजार वोल्ट ओवर वायर के ऊपर बने रेलवे ब्रिज पर फुटपाथी दुकानदार बाजार लगा रहे हैं.

वहीं बाजार समाप्त होने के बाद दुकानदार प्लास्टिक का बोरा और अन्य सामान ब्रिज पर ही छोड़ देते हैं. यह तेज हवा आने पर 25 हजार वोल्ट के तार पर गिर कर हादसे को अंजाम दे सकता है. ज्ञात हो कि स्टेशन का निरीक्षण करने आये अधिकारी राजस्व प्राप्ति वाले स्थानों का निरीक्षण के बाद वापस मंडल मुख्यालय के लिए रवाना हो जाते हैं. सुरक्षा की दृष्टि से कोई अधिकारी इस बिंदु पर ध्यान नहीं देते हैं.

ऐसे हो सकता है हादसा
जून-जुलाई के मौसम में तेज हवा के साथ बारिश होती है. पिछले शनिवार को आई आंधी के दौरान कई बोरे स्टेशन परिसर में उड़ कर पहुंच गये थे. रेलवे ब्रिज पर पड़े प्लास्टिक का बोरा और तिरपाल तेज आंधी में उड़ कर इंजन के पेंटो में फंस सकता है. जिससे इंजन का पेंटो टूट सकता है. बोरा अगर गीला हो तो स्पॉर्क की भी पूरी संभावना बनती है.

क्या-क्या हो सकता है
रेलवे के वरीय अधिकारी ने बताया कि इंजन के पेंटो में गीला बोरा या कोई अन्य सामान फंसने से सबसे पहले पेंटो टूट जायेगा. चूंकि ट्रेन तेज रफ्तार में रहती है, तो कुछ भी हो सकता है. उन्होंने बताया कि ओवर हेड वायर भी टूट सकता है. गीला बोरा या कपड़ा फंसने के कारण इंजन के बॉडी के साथ अर्थिग भी मिल जाती है, जिस कारण से शॉर्ट सर्किट होने की पूरी संभावना बनती है. ऐसे में कुछ समय के लिए ट्रेन के बॉडी में भी करेंट दौड़ जाती है.ऑटोमेटिक सिस्टम होने से करेंट कुछ क्षण के बाद ट्रिप कर जाता है.

रेल व राज्य के चक्कर में फंसा पेंच
ओवर ब्रिज किसके क्षेत्र में आता है. यह एक बड़ा सवाल बन कर रह गया है. ब्रिज पर अतिक्रमण हटाने का जिम्मा रेलवे सुरक्षा बल राज्य पुलिस के माथे डाल देता है. रेलवे का कहना है कि वह रेलवे के क्षेत्र से बाहर है. वहीं जिला पुलिस का कहना है कि वह रेलवे के क्षेत्र में है. उसे खाली कराने का जिम्मा रेलवे सुरक्षा बल का है. जिला पुलिस केवल आरपीएफ को सहयोग करेगा. इससे पूर्व भी आरपीएफ के साथ मिल कर स्टेशन पुलिया पर लगे अतिक्रमण को हटाया जा चुका है.

मामले की जानकारी नहीं है. अगर ब्रिज के पास बोरा और तिरपाल पड़ा रहता है तो इंजन के पेंटो के संपर्क में आने से बड़ी घटना हो सकती है. सेफ्टी के प्वाइंट ऑफ व्यू से यह गलत है.-केजी नारायणा, डीएसओ, प्रभारी,चक्रधरपुर मंडल

स्टेशन के पास बना ओवरब्रिज राज्य सरकार के क्षेत्र में आता है. इस ब्रिज पर रेलवे सुरक्षा बल किसी भी प्रकार का कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है. एके चौरसिया, कमांडेंट, आरपीएफ, सीकेपी.

स्टेशन रेलवे ब्रिज रेलवे के क्षेत्र में आता है. ओवर ब्रिज पर अतिक्रमण हटाने का जिम्मा रेलवे सुरक्षा बल का है. जिला यातायात पुलिस रेलवे को सदैव सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने के लिए तैयार है.
राकेश मोहन सिन्हा,यातायात डीएसपी,जमशेदपुर.

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