आरटीइ. निजी स्कूलों ने हिंदी में दिये गये फॉर्मेट में कई बिंदुओं पर उठाया सवाल, पहले चरण में 60 को मान्यता

जमशेदपुर: शहर के लगभग सभी प्राइवेट स्कूल बिना आरटीइ की मान्यता के चल रहे हैं. ऐसे कुल 60 निजी स्कूलों को मंगलवार को जिला शिक्षा विभाग में तलब किया गया था. जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार प्रसाद सिंह अौर जिला शिक्षा अधीक्षक बांके बिहारी सिंह ने संयुक्त रूप से सभी प्रिंसिपलों के साथ बैठक की. […]
जमशेदपुर: शहर के लगभग सभी प्राइवेट स्कूल बिना आरटीइ की मान्यता के चल रहे हैं. ऐसे कुल 60 निजी स्कूलों को मंगलवार को जिला शिक्षा विभाग में तलब किया गया था. जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार प्रसाद सिंह अौर जिला शिक्षा अधीक्षक बांके बिहारी सिंह ने संयुक्त रूप से सभी प्रिंसिपलों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्हें बताया गया कि स्कूल संचालन के लिए बोर्ड के साथ आरटीइ की मान्यता भी अनिवार्य है.
इसके लिए पूर्व में भी प्रयास किया गया था लेकिन कुछ कारणों से स्कूलों को मान्यता नहीं मिल सकी. एक बार फिर इसके लिए प्रयास किये जा रहे है. बैठक में प्रिंसिपल व स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों ने कहा कि जिला शिक्षा विभाग की अोर से जो फॉरमेट दिया गया है, वह हिंदी में है. उसमें कई ऐसे कॉलम है जो अस्पष्ट हैं.
इस स्थिति में अगर वे कुछ गलत जानकारी देते हैं तो उनकी गलती नहीं मानी जाये. दोनों पदाधिकारियों ने सभी प्राचार्यों के संशय को दूर किया. बताया गया कि पहले चरण में 60 स्कूलों को मान्यता देने का प्रयास किया जायेगा. हालांकि सिर्फ जमशेदपुर में 206 प्राइवेट स्कूल संचालित हो रहे हैं. स्कूल संचालन की अहर्ता नहीं पूरा करने वाले स्कूलों को बंद किये जाने की बात कही गयी है.
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