काम के दबाव में प्राचार्य ने स्कूल में ही दे दी जान

Published at :14 Jun 2017 8:32 AM (IST)
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काम के दबाव में प्राचार्य ने स्कूल में ही दे दी जान

पटमदा: पश्चिम बंगाल सीमा से सटे पटमदा के कांकू दांदू उत्क्रमित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सदानंद मंडल ने मंगलवार को स्कूल में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. शाम करीब पांच बजे उनका शव उनके ऑफिस में ही पंखे से रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला. बताया जा रहा है कि उन्होंने काम के दबाव […]

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पटमदा: पश्चिम बंगाल सीमा से सटे पटमदा के कांकू दांदू उत्क्रमित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सदानंद मंडल ने मंगलवार को स्कूल में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. शाम करीब पांच बजे उनका शव उनके ऑफिस में ही पंखे से रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला. बताया जा रहा है कि उन्होंने काम के दबाव से तंग आकर यह कदम उठाया. घटना की सूचना मिलने पर रात में ही पटमदा थाना प्रभारी महेंद्र करमाली व कमलपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार दल बल के साथ कांकू स्कूल पहुंचे अौर सदानंद मंडल का शव अपने कब्जे में लेकर कमलपुर थाना ले आये. पुलिस ने इस मामले में अभी कुछ भी बताने से इंकार किया है.

कहा गया कि सुबह जांच के बाद ही कुछ बता पायेंगे. सदानंद मंडल बोड़ाम के कोर्इयानी गांव के रहने वाले थे. उनके परिवार में पत्नी ममता मंडल के अलावा एक बेटा व एक बेटी है, जो स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं. कांकू के वार्ड सदस्य परमेश्वर मुर्मू ने पुलिस को बताया कि शिक्षक सदानंद मंडल स्कूल में विद्युतीकरण के काम को लेकर काफी परेशान थे. स्कूल में पिछले कई माह से काम चल रहा है. वायरिंग का काम पूरा है गया है. बल्ब और पंखे लगाने का काम बाकी है. परमेश्वर के मुताबिक सदानंद इतने परेशान थे कि काम को लेकर वे सोमवार और मंगलवार सुबह छह बजे ही उसके घर पहुंचे थे. मुर्मू ने यह भी बताया कि डेढ़ माह पूर्व सड़क दुर्घटना में सदानंद मंडल के पैर में गंभीर चोट लगी थी, जिसका इलाज अब तक जारी था.

बीइओ पर दबाव बनाने का आरोप
इधर मृतक के फूफा शंकरी मंडल ने सदानंद की आत्महत्या के लिए बीइओ सतेंद्र कुमार त्रिपाठी को जिम्मेदार बताया है. उनका आरोप है कि दुर्घटना के बाद सदानंद ने खुद को तीन माह के डेप्यूटेशन पर कुईयानी स्कूल भेजने के लिए आवेदन दिया था जिस पर बीइओ ने सदानंद पर ही कार्रवाई की धमकी दी थी. शंकरी मंडल ने पुलिस को यह भी बताया कि स्कूल में विद्युतीकरण किये जाने के बाद भी बीइअो ने पैसे जमा करने को कहा था, जिसके कारण सदानंद ने सोमवार को अपना वेतन भी उठाया था. बैसाखी लेकर उतनी दूर स्कूल जाने में सदानंद को बहुत परेशानी होती थी.
मुझे घटना के संबंध में जानकारी नहीं : बीइअो
पटमदा प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें सदानंद की आत्महत्या की वजह की कोई जानकारी नहीं हैं. उन्होंने डेप्यूटेशन के लिए कोई आवेदन मुझे नहीं दिया है.
उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद सदानंद ने 16-17 मई को योगदान दिया था. गर्मी छुट्टी के बाद 12 जून को स्कूल खुला है. स्कूल में विद्युतीकरण के काम को लेकर कितना पैसा उठाया है अौर उस पैसे का क्या हुआ है, उन्हें कुछ भी मालूम नहीं है. बीइओ ने कहा कि सदानंद एक हंसमुख शिक्षक थे.
जरूरी काम बताकर स्कूल में रुके, शाम को लटका मिला शव
स्कूल के पारा शिक्षक सुशील मुर्मू ने बताया कि प्रत्येक दिन की तरह मंगलवार को भी मिड डे मिल के बाद 11.30 बजे छुट्टी हो गयी. स्कूल में ताला मारने की बारी आयी तो प्रधानाध्यापक सदानंद मंडल ने यह कहकर मना कर दिया कि वह कुछ लिखा-पढ़ी के काम से शाम पांच बजे तक रुकेंगे. सदानंद को स्कूल में छोड़कर सुशील अपने घर चले गये. सुशील का कहना है कि शाम पांच बजे जब वह लौटकर स्कूल के ऑफिस रूम में पहुंचे तो वहां प्रधानाध्याक सदानंद को पंखे से लटका हुआ पाया. यह दृश्य देख वह भागकर गांव गये और चौकीदार सुफल चंद्र महतो व भीम सिंह को घटना की सूचना दी. इसके बाद चौकीदार ने पटमदा थाने को घटना की जानकारी दी.
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