Jamshedpur News : तालसा गांव के विस्थापित व प्रभावित का मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास पहुंचा, समस्या का समाधान निकालने का किया मांग

Published by : Dashmat Soren Updated At : 20 Sep 2024 7:52 PM

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मुख्यमंत्री से बातचीत करते विस्थापित व प्रभावित परिवार

Jamshedpur News : सुंदरनगर क्षेत्र के तालसा गांव के यूसिल प्रबंधन द्वारा विस्थापित परिवारों का मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास पहुंचा. तालसा गांव के माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रांची सोहराय भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिला और विस्थापितों की समस्याओं से अवगत कराया.

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JamshedpurNews : सुंदरनगर क्षेत्र के तालसा गांव के यूसिल प्रबंधन द्वारा विस्थापित परिवारों का मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास पहुंचा.तालसा गांव के माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रांची सोहराय भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिला और विस्थापितों की समस्याओं से अवगत कराया. विस्थापित परिवारों ने उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा. प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि यूसिल प्रबंधन द्वारा विस्थापित परिवारों से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. यूसिल प्रबंधन की रवैये से सभी यूनिट के विस्थापित व प्रभावित परिवार आक्रोशित है. यूसिल प्रबंधन द्वारा कई वर्षों से लंबित मामलों का अभी तक समाधान नहीं निकाला गया है. विस्थापितों को मुआवजा, नौकरी व पुनर्वास आदि अभी तक नहीं दिया गया है. ऐसे में अपनी मांगों को लेकर तालसा गांव के सभी विस्थापित व प्रभावित परिवार ने 23 सितंबर को तालसाटेलिंग पॉड को अनिश्चितकालीन बंद करने का फैसला लिया है.

यूसिल प्रबंधन से हो चुका है द्विपक्षीय वार्ता

उन्होंने बताया कि यूसिल प्रबंधन को चेतावनी देने के बाद भी किसी तरह का कोई सकारात्मक पहल नहीं कर रहा है. 16 सितंबर को यूसिल प्रबंधन के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी हुआ था. लेकिन यूसिल प्रबंधन हर बार की तरह केवल आश्वासन ही दे रहा है. जब विस्थापित व प्रभावित परिवार चाहते हैं कि उन्हें आश्वासन नहीं समाधान चाहिए.तालसा ग्रामसभा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में उचित पहल कर अविलंब समाधान निकालने की मांग की है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे यूसिल प्रबंधन से विस्थापित व प्रभावित परिवारों के संबंध में विस्तृत जानकारी लेंगे और उसका जल्द से जल्द उचित समाधान निकालने का प्रयास करेंगे. विस्थापित व प्रभावित परिवार को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जायेगी. प्रतिनिधिमंडल में तालसा माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू, देश परगना बैजू मुर्मू, जुगसलाई तोरोप परगना दशमत हांसदा, भागवत मार्डी, दारोगा हेंब्रम समेत अन्य मौजूद थे.

1984-1985 व 2010-11 में यूसिल ने जमीन को किया था अधिग्रहण

ग्राम सभा के सदस्यों ने कहा कि तालसा गांव की जमीन को 1984-1985 तथा 2010-11 में यूसिल प्रबंधन द्वारा अधिग्रहण किया गया था. लेकिन अब तक घर के बदले घर नहीं दिया गया है. जमीन के बदले पूर्ण रूप से नौकरी भी नहीं दिया गया है एवं प्रभावितों को उचित सुविधा भी मुहैया नहीं कराया गया है. इस संबंध में पिछले चार-पांच वर्षों में कई दौर की बैठक प्रबंधन के साथ हो चुकी है. लेकिन यूसिल प्रबंधन हर बार आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते मेें डाल देता है. इसलिए विस्थापित व प्रभावित परिवार ने मजबूर होकर 23 सितंबर से तालसाटेलिंग पॉड का काम को अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद करने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि जब तक विस्थापित व प्रभावित परिवार के साथ न्याय नहीं किया जाता है.तबतक आंदोलन को जारी रखा जायेगा.

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