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IAS Pooja Singhal Case: नेता-अफसरों के करीबी प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर ED का छापा, हो रही है पूछताछ

सत्ता के गलियारे में प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव जाना-माना नाम हैं. चाहे भाजपा की सरकार रही हो या झामुमो की, सबमें पीपी की पैठ थी. एक साधारण बैंक कर्मचारी से लेकर सत्ता के गलियारे तक पीपी पहुंच गये. इसकी दास्तां भी काफी दिलचस्प है.

By Prabhat Khabar Print Desk
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IAS Pooja Singhal Case: शिकंजे में नेता-अफसरों के करीबी प्रेम प्रकाश
IAS Pooja Singhal Case: शिकंजे में नेता-अफसरों के करीबी प्रेम प्रकाश
प्रभात खबर

IAS Pooja Singhal Case: इडी ने बुधवार की दोपहर में प्रेम प्रकाश के हरमू कॉलोनी स्थित मकान और अरगोड़ा के वसुंधरा अपार्टमेंट में छापा मारा. छापा पड़ने के कुछ ही देर बाद प्रेम प्रकाश खुद इडी के कार्यालय पहुंच गये. थोड़ी देर तक पूछताछ करने के बाद इडी के अधिकारी उन्हें लेकर हरमू स्थित उनके आवास पर पहुंचे और घर की तलाशी ली. पूजा सिंघल प्रकरण में इडी की यह पांचवीं छापेमारी है. इडी के अधिकारियों का दो दल बुधवार की दोपहर कार्यालय से निकाला.

एक दल प्रेम प्रकाश के हरमू स्थित आवास पर पहुंचा और इडी अधिकारियों का दूसरा दल शहर के कई इलाकों का चक्कर लगाते हुए अरगोड़ा थाना क्षेत्र के वसुंधरा अपार्टमेंट पर पहुंचा. छापेमारी के दौरान ही प्रेम प्रकाश अपने हरमू स्थित आवास के पास पहुंचे. घर पर इडी की छापेमारी और भीड़ देखकर वह अपनी गाड़ी से सीधे इडी कार्यालय जा पहुंचे.

इडी के अधिकारियों की टीम वसुंधरा अपार्टमेंट से कुछ ही देर में लौट गयी. हालांकि हरमू स्थित आवास पर छापेमारी समाचार लिखने तक जारी है. बताया जाता है कि प्रेम प्रकाश के इडी कार्यालय पहुंचने के बाद इडी के अधिकारियों ने पूछताछ शुरू कर दी है.

कद-काठी साधारण, पर जुबान में भरी है मिठास

साधारण कद-काठी के प्रेम प्रकाश की जुबान काफी मीठी है. पहले यह कहा जाता था कि उनके इशारे पर ही आइएएस अधिकारियों की पोस्टिंग होती थी. उनके यहां चढ़ावा नहीं चढ़ाने से किसी का काम भी नहीं होता था. वह हमेशा रसूखदार लोगों के संपर्क में रहते थे. हमेशा सीएम और मुख्य सचिव का नाम भंजाते थे और अधिकारियों में अपनी धौंस जमाकर रखते थे.

झारखंड में वर्ष 2016 में नयी उत्पाद नीति लागू हुई थी और सरकार के स्तर पर ही शराब के रिटेलरों की नियुक्ति हुई थी. सरकार के झारखंड राज्य बीवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिये रिटेलरों तक शराब की खेप पहुंचायी जाती थी. शराब के इन रिटेलरों के यहां सिक्यूरिटी और स्टाफ की नियुक्ति प्रेम प्रकाश की एजेंसी सोमुख के मार्फत की गयी थी. सरकार ने उन्हें दो बॉडीगार्ड भी उपलब्ध कराये थे, वह भी एके-47 धारी.

क्या कहा प्रेम प्रकाश ने

प्रेम प्रकाश ने कहा कि उन्हें इडी ने पकड़ा नहीं है. छापामारी की सूचना मिलने पर वह खुद ही इडी कार्यालय पहुंचे. उन्होंने कहा कि वह निर्दोष हैं. इडी को जांच में हरसंभव सहयोग करेंगे.

मिड डे मील में अंडा सप्लाई कर सत्ता में बनायी पैठ

अधिकारियों को दिखाते थे पहुंच की धौंस: सत्ता के गलियारे में प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव जाना-माना नाम हैं. चाहे भाजपा की सरकार रही हो या झामुमो की, सबमें पीपी की पैठ थी. एक साधारण बैंक कर्मचारी से लेकर सत्ता के गलियारे तक पीपी पहुंच गये. इसकी दास्तां भी काफी दिलचस्प है. कहा जाता है कि पूर्व सीएम लालू प्रसाद के आवास में मोबाइल चोरी का आरोप प्रेम प्रकाश पर लगा था और तब उनके गार्ड ने उनकी धुनाई कर दी थी.

मूल रूप से सासाराम के रहनेवाले पीपी का संबंध झारखंड के एक सेवानिवृत्त पूर्व मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से था. प्रारंभ में वह नेपाल से सीडी लाकर आपूर्ति करते थे. फिर पीपी ने झारखंड में मिड डे मील के तहत अंडा आपूर्ति का काम लिया. वर्ष 2015-16 में राज्य सरकार द्वारा रेडी-टू-इट फूड की व्यवस्था की गयी. इसमें मिड डे मील में अंडा आपूर्ति का काम पीपी को मिला था. तब से इनकी पैठ सत्ता में बढ़ती गयी.

ठेका व ट्रांसफर-पोस्टिंग तक करने लगे मैनेज

वर्तमान में पीपी झारखंड के सबसे बड़े पावर ब्रोकर माने जाते हैं. आइएएस-आइपीएस अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर कई ठेकों को मैनेज करने में पीपी माहिर माने जाते हैं. रांची के अशोक नगर के रोड नंबर पांच के सामने एक अपार्टमेंट में उनका साम्राज्य चलता था. वहीं बरियातू थाने के पीछे एक अपार्टमेंट के पेंट हाउस में उनकी पार्टी में सत्ता के तमाम बड़े लोग जाते थे. कहा जाता है कि पिछले सात से आठ साल में उनकी संपत्ति करोड़ों की हो गयी है.

भाजपा गयी, तो अमित अग्रवाल बने सहारा

भाजपा सरकार में भी पीपी की तूती बोलती थी. जब सरकार चली गयी और झामुमो सत्ता में आयी, तो पीपी ने अमित अग्रवाल से संपर्क किया. अमित अग्रवाल को सीढ़ी बनाकर सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों तक उनकी पहुंच हो गयी. वर्तमान सरकार में भी नयी उत्पाद नीति को फ्रेम करने में उनकी भूमिका मानी जाती है. शराब कारोबारी कहते हैं कि उनके साथ धोखा हुआ है. इसके पूर्व पीपी एक अगस्त 2017 से लेकर मई 2019 तक नौ जिलों में शराब दुकानों में मैन पावर आपूर्ति का काम ले चुके थे. फिर 13 जुलाई 2021 को शराब के होलसेल का काम भी लिया, जो मार्च 2022 तक जारी था. ऐसी सूचना है कि रांची के दो बॉटलिंग प्लांट भी पीपी ने खरीद लिये हैं और देवघर में एक देसी शराब बॉटलिंग प्लांट भी खरीदा है. प्रेम प्रकाश का ठिकाना रांची के अशोक नगर और हरमू हाउसिंग कालोनी समेत देश में अन्य जगहों तक है.

पीपी के घर से कंबोडिया का स्टार कछुआ मिला

प्रेम प्रकाश के हरमू स्थित घर से इडी की टीम को कंबोडिया का प्रतिबंधित स्टार कछुआ मिला. इडी टीम ने वन विभाग के अधिकारियों को इसे सौंप दिया. भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की अनुसूची चार के तहत संरक्षित है. इसमें छह माह तक की सजा का प्रावधान है. भारत में मिथक है कि स्टार कछुआ को घर में रखने से भाग्योदय होता है.

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