संस्कृत को विप्र समाज कभी मिटने नहीं देगा

Updated at : 26 Aug 2024 6:02 PM (IST)
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संस्कृत को विप्र समाज कभी मिटने नहीं देगा

अखाड़ा चौक में विप्र समाज ने कार्यक्रम आयोजित कर संस्कृत दिवस मनाया. कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम की तस्वीर पर माल्यार्पण से किया गया.

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विप्र समाज ने मनाया संस्कृत दिवस

विष्णुगढ़.

अखाड़ा चौक में विप्र समाज ने कार्यक्रम आयोजित कर संस्कृत दिवस मनाया. कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम की तस्वीर पर माल्यार्पण से किया गया. अध्यक्षता रोहितानंद मिश्र ने की. संचालन सचिव यशवंत मिश्रा ने किया. मुख्य अथिति डॉ अनंत पांडेय थे. प्रखंड स्तरीय कार्यक्रम में भारी संख्या में ब्राह्मण उपस्थित थे. संस्कृत दिवस के मौके पर ब्राह्मणों ने एक से एक कथा और वेदों और पुराणों के माध्यम से संस्कृत भाषा की उत्पत्ति और विकास पर जोरदार पहल की. कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है. बावजूद संस्कृत आज हासिए पर है, जो एक गंभीर मसला है. मौके पर उपस्थित वक्ताओं ने कहां कि विलुप्त के कगार पर खड़ा संस्कृत को विप्र समाज कभी मिटने नहीं देगा. विप्र समाज ने संकल्पित होकर कहा कि संस्कृत भाषा का विकास के लिए विप्र समाज आने वाला दिनों में संस्कृत विद्यालय का निर्माण करने की मांग रखेगा. मौके पर मुख्य रूप से कालीचरण पांडे, वीरेंद्र उपाध्याय, अनिल मिश्रा, प्रदीप कुमार पांडे, उमेश मिश्रा, महादेव बैद, शैलेंद्र पाठक, दिनेश्वर पाठक, दिनेश्वर पांडे, रणजीत मिश्र, सुरेंद्र, रामप्रसाद पांडे, आनंद पांडे, रविंद्र पाठक, जयकुमार पाठक, मुरलीधर शर्मा, सुरेश पांडे, कृष्ण कुमार मिश्रा, भास्कर पाठक समेत कई लोग उपस्थित थे.

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