कंबल के अभाव में लकड़ी जलाकर सोते हैं पगार बिरहोर परिवार के लोग
Published by : VIKASH NATH Updated At : 05 Dec 2025 10:19 PM
केरेडारी प्रखंड के पगार बिरहोर कालोनी में निवास करने वाले आदिम जनजाति बिरहोर परिवार के लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं.
5हैज10में- पगार बिरहोर टंडा में टूटी फूटी आवास 5हैज11में- वार्ड सदस्य ममता बिरहोरीन गणेश कुमार केरेडारी. केरेडारी प्रखंड के पगार बिरहोर कालोनी में निवास करने वाले आदिम जनजाति बिरहोर परिवार के लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं. दिसंबर माह का आगाज हो चुका है. ठंड काफी चरम पर है. क्षेत्र में न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक पहुंच गया है. लेकिन इन असहायों के बीच अभी तक कंबल वितरण नहीं हुआ है. कंबल के अभाव में बिरहोर दिन में धूप का सहारा ले रहे हैं. रातों में लकड़ी जलाकर सोने को विवश है. जबकि 100 मीटर की दूरी पर एशिया की महारत्न कम्पनी कोयले की उत्पादन कर रही है. बावजूद इन गरीबों के बीच कोई मेहरबान नहीं है. जर्जर आवास में रहना एवं जर्जर सड़क पर चलना इनकी बेबसी बन गयी है. वर्ष 1994-95 के दशक में पगार में बिरहोर कॉलोनी बना था उसके बाद वर्ष 2010 में एक दो आवास बनाया गया था. उसके बाद पुनः आवास नहीं बनाया गया है. बुजुर्ग महिला चेडरी बिरहोरीन ने बताया कि हमलोगों को अभी तक कंबल नहीं मिला है. रात में आग जलाकर सोते हैं. रूपा बिरहोरीन, सुमंती बिरहोरीन, गुड़िया बिरहोरीन ने कहा कि ठंड काफी है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कंबल नहीं मिला है. क्या कहती है वार्ड सदस्य बिरहोर कालोनी के वार्ड सदस्य ममता बिरहोरिन ने बताया कि कंबल का लिस्ट बनाकर बीडीओ विवेक कुमार को दे चुके है. लेकिन अभी तक कंबल नहीं मिला है. बीडीओ विवेक कुमार ने बताया कि कंबल के संदर्भ में हम जिला से बात कर चुके है. दस दिन के अंदर कंबल का वितरण हो जायेगा.
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