30 इचाक1में- कलश स्थापना कर पूजा करते श्रद्धालु महिला पुरुष इचाक. रामनवमी को लेकर रविवार को इचाक प्रखंड के सभी दुर्गा स्थानों व देवी मंदिरों में बाजे-गाजे व वैदिक मंत्रोचारण के बीच कलश स्थापना की गयी. बासंती नवरात्र दुर्गापूजा शुरू हो गया. कलश स्थापित करने के बाद प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गयी. प्रखंड के पुराना काली मंडा, नया काली मंडा, दुर्गा नगर इचाक मोड़, छावनी अखाड़ा, जलौन्ध दुर्गा मंदिर, महावीर स्थान मंगुरा, देवकुली, लुन्दरू, पोखरिया, दरिया, बंगाली दुर्गा मंडा इचाक, बुढिया माता मंदिर, चंपेश्वरी मंदिर नवाडीह के अलावा विभिन्न गांवों के देवी मंदिरों में बैदिक मंत्रोचारण के बीच कलश स्थापित की गयी. महावीर स्थान मंगुरा में आचार्य श्रीनिवास पांडेय ने बैदिक मंत्रोचारण के साथ दुर्गा स्थान में कलश स्थापित कराया. पूजा कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मेहता, सचिव महेश मेहता, कोषाध्यक्ष जीतेश्वर साव, बुधन साव, बेनी राणा, हिरेंद्र प्रसाद मेहता, पुजारी कमलेश कुमार, छोटन प्रसाद मेहता, बदरी मेहता, प्रमोद कुमार, बुद्धदेव मेहता, गिरधारी पांडेय, विश्वजीत पांडेय, रीता देवी, गायत्री देवी, चंपा देवी के अलावा मंगुरा, करियातपुर, मोक्तामा,फुरुका, जमुआरी, कनौदी एवं घाघरा गांव के कई लोग पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए. जलौंध दुर्गा स्थान में बाजे गाजे के साथ आचार्य अजय पाठक ने वैदिक मंत्रोचारण के बीच कलश स्थापित करवाया. इस दौरान जलौंध, चंदा, उरुका, लोहंडी एवं तेतरिया गांव के ग्रामीण शामिल थे.
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