चौपारण के एक शख्स की मुंबई में मौत, लॉकडाउन के कारण शव नहीं आ सका गांव

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चौपारण के एक शख्स की मुंबई में मौत, लॉकडाउन के कारण शव नहीं आ सका गांव

प्रखंड के ग्राम पंचायत दैहर निवासी बीरेंद्र दांगी (35 वर्ष) पिता कुंजली महतो की मौत सोमवार को मुंबई में इलाज के दौरान हो गयी. बीरेंद्र अपनी पत्नी सुनीता के साथ मुंबई में ऑटो चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था. बीरेंद्र के साथ मुंबई में रहने वाला उसका एक मित्र संदीप दांगी ने बताया कि बीरेंद्र का दो अप्रैल को अचानक तबीयत खराब हो गयी थी.

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चौपारण : प्रखंड के ग्राम पंचायत दैहर निवासी बीरेंद्र दांगी (35 वर्ष) पिता कुंजली महतो की मौत सोमवार को मुंबई में इलाज के दौरान हो गयी. बीरेंद्र अपनी पत्नी सुनीता के साथ मुंबई में ऑटो चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था. बीरेंद्र के साथ मुंबई में रहने वाला उसका एक मित्र संदीप दांगी ने बताया कि बीरेंद्र का दो अप्रैल को अचानक तबीयत खराब हो गयी थी.

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संदीप ने प्रभात खबर के प्रतिनिध अजय ठाकुर को फोन पर बताया कि तबीयत खराब होने के बाद बीरेंद्र का मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में इलाज करवाया गया. जांच में मलेरिया का पता चला. इलाज के बाद बीरेंद्र को वापस घर ले आये थे. ठीक उसके दूसरे दिन बीरेंद्र की तबीयत बिगड़ने के बाद चैंबूर में ही इलाज करवाया गया. हॉस्पिटल से वापस घर लाने के क्रम में ही बीरेंद्र की मौत हो गयी. उसने बताया कि बीरेंद्र का अंतिम संस्कार मुंबई के चैंबूर में ही कर दिया गया है.

पति की अस्थि लेकर गांव आना चाहती है सुनीता

घटना के बाद बीरेंद्र की पत्नी सुनीता का रो-रोकर मुंबई में बुरा हाल है. वह अपने पति के अस्ति को लेकर गांव आना चाहती है. अब ना ही उसके पास वापस आने के लिए भाड़े के पैसे हैं और ना ही आने का कोई साधन. लॉकडाउन के सब कुछ बंद है. सुनीता पति के अस्ति को गांव में लाकर विधि विधान से श्राद्धक्रम करना चाहती है.

घटना के बारे में जानकारी होते ही बीरेंद्र के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था. गांव मुहल्ले के लोग उन्हें ढाढस बंधा रहे थे. पिता कुंजली महतो बेटे के शव को एक नजर देखने के लिए व्याकुल थे. सुनीता एवं बीरेंद्र के दोस्तों ने झारखंड सरकार के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, सांसद जयंत सिन्हा एवं बरही विध���यक उमाशंकर अकेला यादव से मुंबई से अपने पैतृक गांव दैहर तक आने की वैकल्पिक व्यवस्था करवाने की मांग की है.

विधायक ने दिया मदद का भरोसा : खबर मिलते ही विधायक उमाशंकर अकेला ने बिना देर किये मृतक के दोस्तों से बातकर घटना की जानकारी ली,साथ ही मृतक के परिजनों को नियम संगत मदद का भरोसा दिया.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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