प्रकृति पूजा ही आदिवासियों की पहचान : बेसरा

Updated at : 07 Apr 2026 10:48 PM (IST)
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प्रकृति पूजा ही आदिवासियों की पहचान : बेसरा

बगजोबरा में दिशोम बाहा सरहुल महोत्सव का आयोजन

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चुरचू. प्रखंड के बगजोबरा में झरना झारखंड ट्रस्ट व जाहेर युवा समिति के तत्वावधान में दिशोम बाहा सरहुल महोत्सव का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि संथाल समाज दिशोम मांझी परगना के दिशोम मांझी हड़ाम सह झारखंड राज्य समन्वय समिति के सदस्य फागू बेसरा, पूर्व जिप सदस्य अग्नेशिया सांडी पूर्ति, बीडीओ सह सीओ ललित राम, चुरचू मुखिया पूनम बेसरा, आदिवासी छात्र संघ के जिला अध्यक्ष सुशील ओड़ेया, सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष महेंद्र बेक, दिशोम जोगवा एतो बास्के, चुरचू सर्किल इंस्पेक्टर विद्यावती ओहदार, थाना प्रभारी कुमार अश्विनी, आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार थे. बगजोबरा के नायके लालजी किस्कू ने जाहेर थान में पूजा-अर्चना कर सखुआ फूल का वितरण किया. अतिथियों का स्वागत कर जाहेर मुनी दीदी सिस्टर जेरमेंन, श्याम मांझी व चरण मांझी को श्रद्धांजलि दी गयी. फागु बेसरा ने कहा कि सरहुल संथाल आदिवासियों का धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्व है. आदिवासी जंगलों, पहाड़ों, पत्थरों व नदी-नालों को ईश्वरीय देन मानकर पूरी प्रकृति को सम्मान देते हैं. आदिवासी बनावटी चीजों में ईश्वर को नहीं तलाशते और न ही उनकी पूजा करते है. जो प्राकृतिक दुनिया में मौजूद है. उन्हीं में ईश्वरीय गुणों को तलाशते हैं. उन्होंने कहा कि बाहा, सोहराय और करमा सीधे ऋतुओं से जुड़ा हुआ है. हम सखुआ पेड़ को सरना मानकर वहां पूजा करते हैं. सिंग बोंगा से प्रार्थना करते है, ताकि प्राकृतिक संतुलन बना रहे. सभी मानव सुखी रहे और भाईचारा बढ़े. अग्नेशिया सांडी पूर्ति ने कहा कि जिस भूमि एवं प्रकृति की रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने अपनी जान न्योछावर कर दी, आज उसी भूमि का सौदा करने के लिए दलाल तत्व सीएनटी एक्ट में संशोधन करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि प्रकृति का विनाश कर मानव का विकास असंभव है, क्योंकि हमारा आरंभ और अंत प्रकृति की देन है. इसके साथ छेड़छाड़ करना अपना ही विनाश करना है. मुखिया पूनम बेसरा ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य ही आदिवासी की पहचान है. कार्यक्रम का संचालन बिशुन मुर्मू, प्रकाश टुडू व महात्मा हांसदा ने किया.

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली नृत्य मंडली सम्मानित :

बाहा महोत्सव में नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गयी. जिसमें सात टीमों ने भाग लिया. इनमें सेनेगड़ा, सेहदा, बालीडीह, गोबरदाहा, बागजोबरा, कासियाडीह शामिल हैं. प्रतियोगिता में प्रथम सेनेगड़ा, द्वितीय सेहदा व तीसरा स्थान उरीमारी ने हासिल किया. सभी टीमों को झरना झारखंड ट्रस्ट व जाहेर युवा समिति ने साड़ी, गमछा व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया.

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SUNIL PRASAD

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