केरेडारी. पांडू गांव एवं काबेद गांव को जोड़ने वाला पुल कभी भी ध्वस्त हो सकता है. पुल ध्वस्त होने से पांडू पंचायत की लगभग छह हजार एवं मनातू पंचायत की लगभग 5200 की आबादी को आने-जाने के लिए मार्ग बदलना पड़ेगा. लगातार बारिश के कारण पुल के सभी पिलर में दरार आ गयी है. काबेद नदी पर पुल का निर्माण 1995 में जिला परिषद से किया गया था. अब इसका अस्तित्व खतरे में है. मनातू पंचायत की मुखिया देवंती देवी एवं पांडु पंचायत की मुखिया सकीबा खातून ने पुनः पुल निर्माण के लिए अलग-अलग आवेदन कई बार हजारीबाग उपायुक्त को दिया, लेकिन जिला प्रशासन एवं कोल कंपनियों ने अब तक कोई विचार नहीं किया है. केरेडारी प्रखंड मुख्यालय से मनातू की दूरी लगभग 13 किमी है. पुल ध्वस्त होने के बाद मनातू के लोगों को मार्ग बदलकर गांव जाने के लिए 23 किमी की दूरी तय करनी होगी. पांडू गांव के रब्बानी मियां, इकरार अंसारी, प्रदीप राम, रौशन अंसारी, नौशाद अंसारी, पप्पू दास, दीपक दास समेत अन्य लोगों ने बताया कि पुल पार करने में काफी डर लगता है. जान हथेली पर रखकर पुल पार करते हैं.
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