Hazaribagh Science Exhibition: रोजबड स्कूल की विज्ञान प्रदर्शनी, 'बाढ़ नियंत्रण' मॉडल रहा अव्वल
हजारीबाग के रोजबुड स्कूल की विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चे और मॉडलों का निरीक्षण करते शिक्षकगण. फोटो: प्रभात खबर
हजारीबाग के रोजबड स्कूल में छात्रों ने विज्ञान प्रदर्शनी में अपनी रचनात्मकता का लोहा मनवाया. कक्षा 10 के 'बाढ़ नियंत्रण' मॉडल ने प्रथम पुरस्कार जीता, जो इस साल की खास उपलब्धि रही. जानें अन्य आकर्षक मॉडलों के बारे में.
Hazaribagh Science Exhibition: झारखंड के हजारीबाग शहर के रोजबड विद्यालय में शनिवार को आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला. कक्षा 5 से 10 तक के विद्यार्थियों ने विज्ञान से जुड़े कई अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए. प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण कक्षा 10 के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किया गया 'बाढ़ नियंत्रण' मॉडल रहा, जिसने प्रथम स्थान हासिल किया. पूरे परिसर में छात्रों के उत्साह और अभिभावकों की मौजूदगी से माहौल जीवंत बना रहा.
'बाढ़ नियंत्रण' मॉडल ने जीता पहला स्थान
प्रतियोगिता में कक्षा 10 के प्रियांशु, अमित, अनमोल, राहुल और यश के समूह ने 'बाढ़ नियंत्रण' विषय पर ऐसा मॉडल तैयार किया, जिसने निर्णायकों को सबसे अधिक प्रभावित किया. इस मॉडल में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से बचाव के संभावित उपायों और जल प्रबंधन की अवधारणा को व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत किया गया. इसकी उपयोगिता और प्रस्तुति के आधार पर इसे प्रथम स्थान दिया गया.
'पृथ्वी की बैटरी' और 'डीएनए' मॉडल भी बने आकर्षण
द्वितीय स्थान कक्षा 9 के सिद्धू समूह के 'पृथ्वी की बैटरी' मॉडल को मिला. इस मॉडल में ऊर्जा संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की अवधारणा को रोचक तरीके से समझाया गया. तृतीय स्थान संयुक्त रूप से दो मॉडलों को मिला. इनमें कक्षा 9 की खुशी समूह का 'डीएनए' मॉडल और कक्षा 8 के मयंक समूह का 'फन सिटी' मॉडल शामिल रहा. दोनों मॉडलों ने अपनी मौलिक प्रस्तुति और वैज्ञानिक समझ से दर्शकों का ध्यान खींचा.
विशेषज्ञों ने बढ़ाया छात्रों का उत्साह
प्रदर्शनी में मुख्य अतिथि के रूप में विनोबा भावे विश्वविद्यालय (वीबीएयू) के रसायन विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र कुमार और इतिहास विभाग के प्रोफेसर डॉ. हितेंद्र अनुपम शामिल हुए. दोनों शिक्षाविदों ने विद्यार्थियों के मॉडलों का अवलोकन किया और उनकी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता तथा प्रयोगधर्मिता की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों में जिज्ञासा, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करती हैं. ऐसे आयोजन भविष्य के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
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विद्यालय परिवार ने की प्रतिभागियों की हौसला अफजाई
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य अजय कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रयोग और नवाचार से ही वास्तविक सीख विकसित होती है. विद्यालय की प्रबंधक पिंकी सिंह ने भी छात्रों के प्रयासों की सराहना की. मौके पर अमनदीप सिंह, सुनील कुमार, संदीप कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन आयशा परवीन ने किया. पूरे आयोजन में छात्रों ने उत्साह के साथ अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे प्रदर्शनी यादगार बन गई.
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