CBSE मान्यता के बाद हजारीबाग गैलेक्सी स्कूल का बड़ा कदम: शिक्षकों को दी गई क्लासरूम मैनेजमेंट ट्रेनिंग

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कार्यशाला में मौजूद प्रिंसिपल एवं शिक्षक

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Hazaribagh Galaxy High School: हजारीबाग के गैलेक्सी हाई स्कूल में शिक्षा की नई अलख जगी है. सीबीएसई मान्यता मिलने के बाद स्कूल में ‘क्लासरूम मैनेजमेंट’ पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई. रांची सुरेंद्रनाथ स्कूल की प्रिंसिपल समिता सिन्हा ने शिक्षकों को आधुनिक और इंटरैक्टिव टीचिंग के तरीके सिखाए. अब एक ही कैंपस में 10वीं से प्लस टू तक की हाई-टेक शिक्षा मिलेगी. पढ़ें, कैसे बदल रहा है हजारीबाग का एजुकेशनल परिदृश्य.

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Hazaribagh Galaxy High School, हजारीबाग (आरिफ की रिपोर्ट): हजारीबाग शहर के पेलावल (पबरा रोड) स्थित गैलेक्सी हाई स्कूल में शुक्रवार को सीबीएसई आधारित शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ‘क्लासरूम मैनेजमेंट’ पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस विशेष सत्र में स्कूल के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक क्लासरूम तकनीकों और छात्रों के मनोवैज्ञानिक व्यवहार से अवगत कराना था.

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प्रख्यात शिक्षाविद् ने दिए सफलता के मंत्र

कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में रांची स्थित सुरेंद्रनाथ केमिस्ट्री स्कूल की प्रिंसिपल समिता सिन्हा मौजूद रहीं. उन्होंने अपने लंबे शैक्षणिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक आदर्श क्लासरूम वह है जहां छात्र और शिक्षक के बीच बेहतर संवाद हो. उन्होंने शिक्षकों को ‘स्मार्ट क्लास’ के प्रभावी उपयोग, विषय की रोचक प्रस्तुति और छात्रों की व्यक्तिगत क्षमताओं को पहचानने के टिप्स दिए. समिता सिन्हा ने इस बात पर जोर दिया कि अनुशासन के साथ-साथ पढ़ाई का माहौल तनावमुक्त और इंटरैक्टिव होना चाहिए.

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सीबीएसई मान्यता के बाद नया उत्साह

गैलेक्सी हाई स्कूल, जिसकी स्थापना वर्ष 2022 में हुई थी के लिए पिछला दो महीना काफी उपलब्धियों भरा रहा है क्योंकि इसे आधिकारिक तौर पर सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त हो गई है. स्कूल प्रबंधन का कहना है कि मान्यता मिलने के बाद अब उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है, इसीलिए शिक्षकों के कौशल विकास (Skill Development) के लिए इस वर्कशॉप का आयोजन किया गया.

प्लस टू तक की एकीकृत शिक्षा

स्कूल प्रबंधन ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि अब विद्यार्थियों को मैट्रिक से लेकर प्लस टू (Intermediate) तक की पढ़ाई के लिए अलग-अलग संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. विद्यालय परिसर में ही सभी आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है. इस कार्यशाला के बाद शिक्षकों ने भी नई ऊर्जा के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनी शिक्षण शैली में शामिल करने का संकल्प लिया.

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