छह साल बाद भी पूरा नहीं हुआ जलापूर्ति योजना का निर्माण कार्य

शहरी जलापूर्ति योजना का निर्माण कार्य कछुए की चाल से चल रहा है. लिहाजा यह योजना छह साल बाद भी पूरी नहीं हुई है.
ट्रायल में ही खराब हो गया झील पानी टावर का वाटर ट्रिटमेंट भल्ब, दो माह से काम ठप
जयनारायण, हजारीबागशहरी जलापूर्ति योजना का निर्माण कार्य कछुए की चाल से चल रहा है. लिहाजा यह योजना छह साल बाद भी पूरी नहीं हुई है. योजना अधूरी रहने से ग्रामीणों को जलापूर्ति योजना के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है. ऐसे में ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में पानी की समस्या से भी दो चार होना पड़ रहा है. शहरी क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न होती जा रही है. शहरी जलापूर्ति योजना का काम एलएनटी कंपनी द्वारा दिसंबर 2018 से किया जा रहा है. पहले चरण में मात्र झील पानी टावर का कार्य पूरा किया गया. इस पानी टावर से शहरवासियों को एक एमएलडी पानी आपूर्ति की जायेगी. दीपूगढ़ा, कोलघटी, मंडई, नूरा क्षेत्र के ढाई हजार घरों को पीने का पानी मिलना है. दो माह पहले इस यूनिट से ट्रायल के रूप में पानी सप्लाई शुरू की गयी थी. दो-तीन दिन 1047 घरों तक झील टावर से पानी सप्लाई की गयी. इसके बाद भल्ब खराब हो गया. हालांकि एलएनटी कंपनी पानी सप्लाई नहीं होने का कारण नगर निगम के असहयोग रवैया को बताता है. वर्तमान समय में इस पोषक क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पुराने पानी टावर से पानी सप्लाई की जा रही है.
क्या है शहरी जलापूर्ति योजना :
हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में बढ़ती आबादी के साथ-साथ पानी की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर यह योजना बनायी गयी है. शहर में कोनार डैम से 58 एमएलडी पानी लाने की योजना है. इस योजना के माध्यम से सभी वार्डों में रहने वाले लोगों के घरों तक पीने का पानी पहुंचाने की योजना है. इस योजना पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे.लोगों को खरीद कर पीना पड़ रहा है पानी :
कई मुहल्ले में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है. दीपूगढ़ा में जल संकट को देखते हुए नगर निगम ने टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई की व्यवस्था की है. शहर के अधिकतर लोग 20 लीटर का जार में बंद पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं.कोट
झील टावर को पानी भरने के लिए नगर निगम मात्र पांच घंटा समय देता है. इसके कारण इस टावर से पानी सप्लाई नहीं हो पा रहा है. जल्द इस समस्या का समाधान किया जायेगा.
– अशोक साह, एलएनटी कंपनी का मैनेजर
इस योजना से संबंधित मुझे जानकारी नहीं है. साथ ही एलएनटी कंपनी द्वारा लगाये गये आरोप गलत हैं.
अरुण बाउरी, सिटी मैनेजर, नगर निगम
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