हाथियों का उत्पात, फसल रौंदी

केसड़ा गांव में किसान की चहारदीवारी तोड़ी
टाटीझरिया. प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण जंगली हाथियों के उत्पात से परेशान हैं. हाथियों की संख्या अधिक होने से वे क्षेत्र में जमे रहते हैं. हाथी जिस रास्ते से गुजरते हैं, वहां खेतों में लगी फसलें नष्ट कर देते हैं. इससे किसानों में आक्रोश है. प्रत्येक माह हाथियों का झुंड गांवों में पहुंच रहा है. 22 सितंबर की रात हाथियों ने बंशी, अमनारी, भराजो समेत कई गांवों में धान की फसलें बर्बाद कर दीं. बंशी गांव में हरी प्रजापति, सूरज यादव, दिलो प्रजापति, भोला शर्मा, गणेश गोप, तुलसी यादव, इंद्रदेव यादव, बाबूलाल यादव की धान की फसलें नष्ट हो गयीं. वहीं अमनारी में सुरेश महतो, ज्ञानी महतो, राजेंद्र महतो, महेंद्र महतो, शंकर महतो, प्रधुम्न महतो, रीतलाल महतो, दीपक कुमार की धान की फसलें चौपट हो गयीं. हाथियों ने केसड़ा गांव में अशोक राम की चहारदीवारी भी तोड़ दी. मंगलवार की शाम से हाथी मथुरानगर, भराजो और घुघलिया के बीच डटे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है.
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