सोलर हाईमास्ट लाइट से जगमगाए हजारीबाग के चार गांव, बढ़ी सुरक्षा और सुविधा

गांव मे लगा मास्टलाइट | Prabhat Khabar Network
अदाणी फाउंडेशन ने गोंदुलपारा खनन परियोजना के तहत सीएसआर पहल में बड़कागांव के होरम, मरदुसोटी, पुंदौल और चंदौल गांवों में सोलर हाइमास्ट लाइट लगाई. इससे ग्रामीणों को बेहतर रोशनी, सुरक्षित आवागमन, सामाजिक गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला.
बड़कागांव से संजय सागर की रिपोर्ट
अदाणी फाउंडेशन ने गोंदुलपारा खनन परियोजना के तहत कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के चार गांवों होरम, मरदुसोटी, पुंदौल और चंदौल में सोलर हाइमास्ट लाइट स्थापित की है. इस पहल से गांवों के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर रात के समय बेहतर रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि इस सुविधा से न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त रोशनी की कमी महसूस की जा रही थी, जिसे इस पहल ने काफी हद तक दूर कर दिया है.
अंधेरे से रोशनी की ओर बढ़े गांव
ग्रामीणों के अनुसार पहले शाम ढलते ही गांव की सड़कें, चौक-चौराहे, मंदिर परिसर और अन्य सार्वजनिक स्थल अंधेरे में डूब जाते थे. इससे लोगों को रात के समय आने-जाने में परेशानी होती थी. खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ता था. अब सोलर हाइमास्ट लाइट लगने के बाद इन क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध हो रही है, जिससे लोगों का आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो गया है.
सामाजिक गतिविधियों को भी मिला बढ़ावा
हाइमास्ट लाइट लगने के बाद गांवों में सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है. ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर परिसर, चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों पर रोशनी रहने से लोग शाम के बाद भी आसानी से एकत्र हो पा रहे हैं. स्थानीय स्तर पर होने वाली बैठकों, सामाजिक कार्यक्रमों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों में भी सुविधा बढ़ी है. बच्चों और युवाओं को भी शाम के समय सार्वजनिक स्थानों का सुरक्षित उपयोग करने का अवसर मिल रहा है.
सौर ऊर्जा से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
स्थापित हाइमास्ट लाइट पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित हैं. इससे बिजली की खपत कम होगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा. यह पहल ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ और किफायती समाधान के रूप में उभर रही है.
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ग्रामीण विकास के लिए सक्रिय है अदाणी फाउंडेशन
अदाणी फाउंडेशन विभिन्न सामाजिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार के लिए लगातार कार्य कर रहा है. फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण, आजीविका, पेयजल, आधारभूत संरचना, खेल और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में कई पहल संचालित कर रहा है. गोंदुलपारा खनन परियोजना क्षेत्र में सोलर हाइमास्ट लाइट की स्थापना भी इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और सतत विकास को बढ़ावा देना है. आखिरकार, अच्छी रोशनी सिर्फ रास्ते नहीं दिखाती, कई बार गांव की रफ्तार भी बदल देती है.
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