हजारीबाग में अवर निबंधक पदाधिकारी का पद खाली, जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री ठप होने से सरकार को नुकसान

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सवेरे से देर शाम तक लोगों की भीड़ से गुलजार रहने वाला निबंधन कार्यालय परिसर में चारों ओर पसरा सन्नाटा. फोटो: प्रभात खबर

हजारीबाग जिले में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद खाली होने के कारण निबंधन कार्यालय का काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है. जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री ठप होने से आम लोग परेशान हैं और सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है.

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हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद लंबे समय से खाली पड़े हैं. इनमें बंदोबस्त पदाधिकारी, क्षेत्रीय पशुपालन निदेशक, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी सहित कई अन्य विभागों के पद शामिल हैं. अब एक जुलाई से जिला अवर निबंधक पदाधिकारी का महत्वपूर्ण पद भी रिक्त हो गया है. 30 जून को अवर निबंधक पदाधिकारी राजेश एक्का के सेवानिवृत्त होने के बाद अब तक सरकार की ओर से नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है. इसका सीधा असर जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री सहित निबंधन कार्यालय के कई महत्वपूर्ण कार्यों पर पड़ रहा है. आम लोग परेशान हैं, जबकि सरकार को भी प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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रजिस्ट्री कार्य प्रभावित, लोगों की बढ़ी परेशानी

हजारीबाग जिला उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल का मुख्यालय होने के कारण यहां का अवर निबंधन कार्यालय काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. जिले में प्रतिदिन 100 से अधिक जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री होती है. नए अवर निबंधक पदाधिकारी की पोस्टिंग नहीं होने से नियमित रजिस्ट्री का काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है. जमीन की खरीद-बिक्री, फ्लैट का हस्तांतरण और अन्य निबंधन संबंधी कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं. इससे खरीदार, विक्रेता, बिल्डर, अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और अन्य संबंधित लोग परेशान हैं.

रिकॉर्ड रूम का काम भी ठप होने की कगार पर

हजारीबाग का अवर निबंधन कार्यालय सिर्फ जिले के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के लिए महत्वपूर्ण है. यहां चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ जिलों से जुड़े वर्ष 1970 तक के महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखे गए हैं. इन जिलों के लोग आवश्यकता पड़ने पर रिकॉर्ड रूम से पुराने दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करते हैं. लेकिन जिला अवर निबंधक पदाधिकारी का पद खाली रहने के कारण रिकॉर्ड रूम का काम भी प्रभावित हो गया है. इससे दूसरे जिलों से आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सरकार को प्रतिदिन हो रहा राजस्व का नुकसान

हजारीबाग जैसे बड़े जिले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री होती है. रजिस्ट्री के माध्यम से सरकार को स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क के रूप में अच्छी-खासी आय होती है. लेकिन नियमित रजिस्ट्री नहीं होने से सरकार के राजस्व पर भी असर पड़ा है. जानकारों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय गिरावट आ सकती है. इसलिए सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेकर नियमित अवर निबंधक पदाधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए.

निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा

जो जिला निबंधन कार्यालय प्रतिदिन लोगों की भीड़ से गुलजार रहता था, वहां इन दिनों वीरानी का माहौल है. पहले सुबह से शाम तक रजिस्ट्री कराने आए लोगों, दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों की चहल-पहल रहती थी. बैठने के लिए एक भी कुर्सी खाली नहीं मिलती थी. अब कार्यालय परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है. रजिस्ट्री का काम लगभग ठप होने से कार्यालय की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो गई हैं.

प्रभारी पदाधिकारी के भरोसे चल रहा काम

स्थायी अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने पर जिला प्रशासन ने अंतरिम व्यवस्था के तहत सदर अनुमंडल के एक्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट प्रेम कुमार को प्रभारी जिला निबंधन पदाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने तीन जुलाई को पदभार ग्रहण किया. उनके कार्यभार संभालने के बाद छह जुलाई से लेकर नौ जुलाई तक करीब दो दर्जन रजिस्ट्रियां कराई गई हैं. हालांकि यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम है.

स्थायी नियुक्ति की मांग तेज

स्थानीय अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, संपत्ति कारोबार से जुड़े लोगों और आम नागरिकों का कहना है कि प्रभारी व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावी समाधान नहीं हो सकती. हजारीबाग जैसे महत्वपूर्ण जिले में नियमित अवर निबंधक पदाधिकारी की शीघ्र नियुक्ति आवश्यक है. लोगों का मानना है कि इससे न केवल रजिस्ट्री का काम सामान्य होगा, बल्कि रिकॉर्ड रूम का संचालन भी सुचारु रूप से हो सकेगा और सरकार के राजस्व की होने वाली क्षति पर भी रोक लगेगी. अब सबकी नजर राज्य सरकार के फैसले पर टिकी है कि इस महत्वपूर्ण पद पर स्थायी नियुक्ति कब तक की जाती है.

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कौन-कौन काम प्रभावित

  • खटियानी जमीन की रजिस्ट्री बंद
  • फ्लैट की रजिस्ट्री बंद
  • रिकॉर्ड रूम बंद
  • पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी (मुख्तारनामा) से आधारित
  • रजिस्ट्री कार्य बंद

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