बड़कागांव गोलीकांड : विस्थापितों की मांगों पर होगा विचार, दोषियों को होगी सजा
Updated at : 03 Oct 2016 5:54 AM (IST)
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बड़कागांव (हजारीबाग) : झारखंड में हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड स्थित डाड़ीकला में विस्थापितों पर हुई फायरिंग के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अमला रविवार को घटनास्थल पहुंचा. मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय, गृह सचिव एनएन पांडेय, आइजी अनुराग गुप्ता, एमएस भाटिया, डीआइजी उपेंद्र कुमार, डीसी रविशंकर […]
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बड़कागांव (हजारीबाग) : झारखंड में हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड स्थित डाड़ीकला में विस्थापितों पर हुई फायरिंग के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अमला रविवार को घटनास्थल पहुंचा. मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय, गृह सचिव एनएन पांडेय, आइजी अनुराग गुप्ता, एमएस भाटिया, डीआइजी उपेंद्र कुमार, डीसी रविशंकर शुक्ला, एसपी भीम सेन टूटी बड़कागांव पहुंचे. प्रखंड मुख्यालय में एनटीपीसी के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक की. मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने कहा कि घटना काफी दुखद है.
शांति-व्यवस्था को बाधित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जायेगी. रैयतों की जो भी मांगें हैं, उन पर विचार किया जायेगा. जांच के बाद दोषी लोगों को सजा सुनिश्चित की जायेगी. इस दिशा में सरकार पहल कर रही है.
लापता पवन की तलाश करते रहे परिजन : रात भर लापता पवन की तलाश करते रहे परिजन, वहीं रविवार सुबह उसका शव लेकर सदर अस्पताल पहुंची पुलिस. इसके बाद परिजनों को पवन के मौत की खबर मिली और सभी सदर अस्पताल पहुंचे. उसकी मां ने कहा कि मेरा पुत्र कभी आंदोलन में नहीं गया, लेकिन पुलिस ने उसे भी गोली मार दी. शव काे पोस्टमार्टम करा शाम में एंबुलेंस से उसके गांव सोनबरसा भेज दिया गया. सुरक्षा बल तैनात : पुलिस के साथ विस्थापितों की झड़प के बाद स्थिति बिगड़ने के बाद से बड़कागांव के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत को थाने में रोका गया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत को पुलिस ने बड़कागांव जाने से रोक दिया. उन्हें उरीमारी पुलिस ने ढाई घंटे तक थाने में बठाये रखा. इससे सुखदेव भगत और उनके समर्थक नाराज हो गये. हालांकि, सुखदेव भगत ने कहा कि वह कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे. पुलिस रोका, तो वह रुक गये. उन्होंने सवाल किया कि एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को घटनास्थल पर जाने से रोकना कहां तक जायज है. उन्होंने मृतकों के परिजन को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की.
चार शवों का हुआ पोस्टमार्टम
फायरिंग में मरनेवाले सभी चार लोगों के शवों का हजारीबाग सदर अस्पताल में मेडिकल टीम की निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया. मृतक मो मेहताब की कमर में इंसास राइफल की गोली लगी थी, जिसे डॉक्टरों ने निकाला. शाम पांच बजे मृत मो मेहताब, रंजन कुमार दास, अभिषेक कुमार राय और पवन के शवों को बड़कागांव लाया गया. चेपाखुर्द, सिंदुवारी और सोनबरसा गांव में दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले.
वामदलों की जांच टीम घटनास्थल पर
वामदलों की जांच टीम घटनास्थल का जायजा लेने पहुंची. दल में विधायक राजकुमार यादव, दयामनी बारला, शुभेंदु सेन व अन्य शामिल थे. घटनास्थल का जायजा लेने व पीड़ितों से मिलने के बाद दल ने घटना को पूर्व नियोजित बताया.
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