सिर्फ डिग्री नहीं, मंजिल हो लक्ष्य

Published at :10 Aug 2016 7:34 AM (IST)
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सिर्फ डिग्री नहीं, मंजिल हो लक्ष्य

कार्यक्रम. उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास की संभावनाओं पर संगोष्ठी, शिक्षा मंत्री बोलीं हजारीबाग : आइसेक्ट विश्वविद्यालय की ओर से झारखंड में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास की संभानाओं पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. होटल केनरी इन में आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव उपस्थित हुईं. शिक्षा मंत्री ने […]

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कार्यक्रम. उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास की संभावनाओं पर संगोष्ठी, शिक्षा मंत्री बोलीं
हजारीबाग : आइसेक्ट विश्वविद्यालय की ओर से झारखंड में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास की संभानाओं पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. होटल केनरी इन में आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव उपस्थित हुईं. शिक्षा मंत्री ने कहा कि आइसेक्ट विश्वविद्यालय के खुल जाने से अब सुदूरवर्ती छात्रों को पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उच्च शिक्षा और बेहतर गुणवत्ता के साथ विद्यार्थी झारखंड में ही पढ़ाई कर पायेंगे. उन्होंने कहा: हजारीबाग शिक्षा का हब है. आइसेक्ट विश्वविद्यालय में झारखंड के बाहर से भी विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आयेंगे. इससे झारखंड आर्थिक रूप से मजबूत होगा.
उन्होंने कहा: आपका लक्ष्य केवल डिग्री हासिल करना नही, मंजिल तय करना है. पढ़ाई में कई बाधाएं आयेंगी, लेकिन उसे तोड़ते हुए आगे बढ़ना है. विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा का भी ज्ञान लेना चाहिये. कार्यक्रम के मौके पर कौशल विकास के क्षेत्र में बेहतर काम करनेवाले लोगों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया. पुरस्कार पानेवालों में तबरेज आलम, दिलीप कुमार, रवि केसरी, रोहित कुमार, प्रियंका कुमारी, पूजा कुमारी शामिल हैं. मौके पर मंत्री डॉ नीरा यादव, विधायक मनीष जायसवाल ने आइसेक्ट विश्वविद्यालय की पुस्तिका का भी विमोचन किया. इस मौके पर संजय कुमार, विजय कुमार, अब्दुल वासी, शैलेंद्र मिश्र, ललित कुमार, जेपी जैन, गौरव सिंह, विक्रांत कुमार के अलावा काफी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे.
20 लाख विद्यार्थी हो चुके हैं प्रशिक्षित : चौबे : आइसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा के अलावा कौशल आधारित शिक्षा देकर हुनरमंद बनायेगा. पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी प्राप्त कौशल के आधार पर देश के किसी कोने में जाकर रोजगार कर सकेंगे. आइसेक्ट भारत का कौशल विकास एवं प्रशिक्षण सेवाओं और इ-गवर्नेस के क्षेत्र में कार्य करनेवाला सबसे बड़ा समूह है. अब तक आइसेक्ट ने लगभग 20 लाख विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है. सभा को कुलपति डॉ आरएन यादव, आइसेक्ट विश्वविद्यालय भोपाल के कुलपति प्रो वीके वर्मा, प्रतिकुलपति डॉ सितेश कुमार सिन्हा, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डॉ शुकल्याण मोइत्र, आइसेक्ट के निदेशक अभिषेक पंडित, मोहित कुमार ने संबोधित किया.
मील का पत्थर साबित होगा आइसेक्ट : मनीष
विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि आइसेक्ट विश्वविद्यालय बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित होगा. विश्वविद्यालय के खुलने से राज्य भर के विद्यार्थियों का भविष्य निखरेगा. विद्यार्थियों को अपने कॅरियर को संभालने एवं अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यहां एक अच्छा बडा प्लेटफॉर्म मिलेगा.
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