जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट प्रतिमाह कर रहा है लाखों रुपये खर्च
बड़कागांव, केरेडारी व डाड़ी में चल रही है योजना
हजारीबाग : आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति को स्थिर रखने व कुपोषण से लड़ने के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है. जिला प्रशासन की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को च्यवनप्राश, दूध व बादाम गुड़ चक्की दी जा रही है. प्रयोग के तौर पर बड़कागांव, केरेडारी व डाड़ी में यह योजना चल रही है.
परियोजना में 330 आंगनबाड़ी केंद्रों को शामिल किया गया है. इस पर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से करीब 23 लाख रुपये प्रतिमाह का खर्च हो रहा है.
7000 बच्चे हो रहे लाभान्वित: यह योजना मार्च 2019 में शुरू की गयी. बड़कागांव के 157 आंगनबाड़ी केंद्रों के 2377 बच्चों को योजना का लाभ मिल रहा है. इसी तरह केरेडारी के 91 आंगनबाड़ी केंद्रों के 2401 और डाड़ी के 82 आंगनबाड़ी केंद्रों में 2419 बच्चों को लाभ मिल रहा है. सभी बच्चे तीन से छह वर्ष के हैं. अगस्त में होगा आंकलन: इस योजना की निगरानी संबंधित क्षेत्र के सीडीपीओ, डीएमएफटी के रश्मि कुमारी व राहुल कर रहे हैं. रश्मि ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सभी गांवों का चयन आमसभा के बाद किया गया है. लोगों ने इस योजना के चयन में सहमति दी है. इसके बाद योजना को धरातल पर लाया गया है.
