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बाजार की जमीन पर अतिक्रमण का ग्रामीणों ने किया विरोध, गुमला- लोहरदगा और रांची- नेतरहाट मार्ग घंटों रहा जाम

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news : जामस्थल पर ग्रामीणों को समझाते पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी.
Jharkhand news : जामस्थल पर ग्रामीणों को समझाते पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी.
प्रभात खबर.

Jharkhand News (घाघरा, गुमला) : गुमला जिला अंतर्गत घाघरा प्रखंड मुख्यालय की साप्ताहिक हाट की जमीन पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है. इससे गुस्साये ग्रामीणों ने गुरुवार की सुबह 7.30 बजे घाघरा चांदनी चौक के समीप सड़क जाम कर दिया. ग्रामीणों ने गुमला-लोहरदगा व रांची-नेतरहाट मुख्य पथ को जाम कर दिया. यह जाम 4 घंटे तक रहा. पुलिस कई बार जाम हटाने का प्रयास की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने. थानेदार की बातों को भी ग्रामीण नहीं सुने. अंत में बीडीओ विष्णु देव कच्छप, एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल, इंस्पेक्टर श्यामनंदन मंडल जाम स्थल पहुंचें. सीनियर अधिकारियों के समझाने के बाद लोग सड़क जाम हटाये. अधिकारियों ने कहा कि एक सप्ताह में जांच कर अतिक्रमण किये गये जमीन को मुक्त कराया जायेगा. जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम 12.30 बजे हटाया.

सीओ व थाना की गलती है

जानकारी के अनुसार, सुबह 7.30 बजे से घाघरा साप्ताहिक हाट में दुकान लगाने वाले लोग जब दुकान लगाने पहुंचे, तो देखा कि जिस जगह पर उनकी दुकान लगती थी वहां पर बाउंड्री कर दिया गया है. जिसके बाद घाघरा के तमाम व्यापारी व ग्रामीण के अलावा उस जगह पर दुकान लगाने वाले दुकानदार सड़क पर जा बैठे. ग्रामीणों का आरोप था कि अंचल प्रशासन व थानेदार आकाश पांडे को पूरे मामले से 20 दिन पूर्व ही पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था. लेकिन पूरे मामले में कार्रवाई नहीं की गयी. जिसके बाद वहां पर बाउंड्री कर दिया गया.

समाजसेवी अशोक उरांव ने कहा कि घाघरा अंचल प्रशासन द्वारा समय रहते अगर उचित कार्रवाई की जाती, तो शायद उस जगह पर अवैध कब्जा नहीं होता. थानेदार ने भी पूरे मामले को गंभीरता से नहीं लिया और ना ही अपने वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी. लिहाजा बाउंड्री हो जाने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया और सड़क जाम कर दिया.

जांच की जा रही है : सीओ

सीओ धनंजय पाठक ने कहा कि म्यूटेशन का मामला मेरे आने से पहले का है. इसपर पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट कहा जा सकता है. किस प्लॉट के जमीन का म्यूटेशन किया गया है और किस अधिकारी द्वारा म्यूटेशन न्यायिक प्रक्रिया में किया गया है या नहीं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जांच उपरांत अगर किसी भी तरह की त्रुटि पायी जाती है, तो सीनियर अधिकारियों को पत्राचार कर पूरे मामले से अवगत करायेंगे.

जांच कर रिपोर्ट सीनियर अधिकारियों को सौंपेंगे : इंस्पेक्टर

इंस्पेक्टर श्यामनंदन मंडल ने कहा कि जाम की सूचना के बाद SDPO मनीष चंद्र लाल के नेतृत्व में हमलोग विवादित स्थल पर भी गये थे. जहां पर ग्रामीणों के माध्यम से जानकारी मिली कि एक 100 वर्ष से पूर्व से साप्ताहिक हाट लग रहा है. वहां पर बाउंड्री दो दिन पूर्व किया गया है. जिससे कई दुकानदार प्रभावित हुए हैं. पूरे मामले को लेकर सीनियर अधिकारियों को जांच रिपोर्ट समर्पित करेंगे. जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी.

कोई शिकायत नहीं मिली है : थानेदार

वहीं, थानेदार आकाश पांडे ने कहा कि जमीन से विवाद को लेकर हमें किसी भी तरह की शिकायत नहीं मिला था. कुछ महिलाएं आयी थी, लेकिन बाद में उनलोगों द्वारा कहा गया कि हमलोग ब्लॉक से इसका समाधान करायेंगे. इसलिए पूरे मामले को लेकर हमें कोई विस्तार से जानकारी नहीं है.

जांच का विषय है : राजस्व उपनिरीक्षक

राजस्व उप निरीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि खाता संख्या एक, प्लॉट संख्या 880, रकबा 26 डिसमिल का म्यूटेशन किया गया है. जबकि बाजार का खाता संख्या 3, प्लॉट संख्या 657 है. जो कि नक्शा में भी स्पष्ट बाजार टांड़ दर्ज है. बाकी जो आरोप लग रहे हैं. यह जांच का विषय है.

Posted By : Samir Ranjan.

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