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गुमला के बिशुनपुर में लाल पानी पीकर बीमार हो रहे हैं ग्रामीण, मलेरिया, डेंगू व डायरिया का भी है प्रकोप

गुमला जिला अंतर्गत बिशुनपुर प्रखंड क्षेत्र के बॉक्साइट क्षेत्र में लाल पानी पीकर ग्रामीण बीमार हो रहे हैं. साथ ही मलेरिया, डेंगू और डायरिया की चपेट में भी आ रहे हैं. इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने डीसी से मिलकर इस समस्या के समाधान की गुहार लगायी है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
गुमला के बिशुनपुर प्रखंड स्थित बॉक्साइट क्षेत्र में लाल पानी पीकर बीमार हो रहे हैं ग्रामीण.
गुमला के बिशुनपुर प्रखंड स्थित बॉक्साइट क्षेत्र में लाल पानी पीकर बीमार हो रहे हैं ग्रामीण.
फाइल फोटो.

Jharkhand News (जगरनाथ, गुमला) : झारखंड के गुमला जिला अंतर्गत बिशुनपुर प्रखंड के सेरेंगदाग गड़हाटोली का पूरा इलाका बॉक्साइट पर बसा है. इस क्षेत्र के ग्रामीण खदान से झरना की तरह गिरने वाले लाल पानी पीने को विवश हैं. गड़हाटोली में पेयजल की भारी किल्लत है. गांव के लोग पीने सहित अन्य कामों के लिए पहाड़ी इलाके के झरना से गिरने वाली पानी पर ही निर्भर हैं. लेकिन, बरसात के मौसम में खदान का लाल पानी झरना में मिल जाता है. जिससे झरना का पानी भी खदान के पानी की तरह ही लाल हो जाता है.

क्षेत्र में पेयजल की समस्या होने के कारण गांव के लोग उसी झरना के पानी पर निर्भर हैं. झरना का पानी पीने के कारण गांव के लोगों को मलेरिया, डेंगू, डायरिया सहित कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. ग्रामीणों ने अपनी इस समस्या को मंगलवार को डीसी के समक्ष रखते हुए निदान की मांग की है.

इस संबंध में बिरसु उरांव, सोमरा उरांव, लक्ष्मण उरांव, संदीप उरांव, डहरू उरांव, सतेंद्र उरांव, संजीत उरांव, शीला देवी, पार्वती देवी, पच्चो देवी, बिरो देवी, मंगलेश्वर उरांव आदि ग्रामीणों ने डीसी से मदद की गुहार लगायी है. साथ ही स्वच्छ पानी की व्यवस्था करनी की मांग भी की है.

दूषित पानी पीने से मौत का डर : ग्रामीण

ग्रामीण सोमरा उरांव व संदीप उरांव ने बताया कि गांव में पेयजल की काफी किल्लत है. गांव के पहाड़ी इलाके के झरना के पानी के भरासे गांव के लोग हैं, लेकिन अभी उक्त झरना से लाल पानी गिर रहा है. गांव के लोग उसी पानी को पीने को विवश हैं. जिससे गांव के लोगों कई तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. यदि जल्द ही गांव में पेयजल की समस्या को दूर नहीं किया जाता है, तो झरना का लाल पानी पीने से बीमार होने के कारण मौते भी हो सकती है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए गांव में एक जलमीनार अतिआवश्यक है.

Posted By : Samir Ranjan.

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