बांकी नदी में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत, तलाशी के बाद सुबह मिला नदी से शव

Updated:
विज्ञापन
26 गुम 6 में मृतका का फोटो | Prabhat Khabar Network

26 गुम 6 में मृतका का फोटो | Prabhat Khabar Network

गुमला के सांवरिया में बांकी नदी में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई. प्रशासन ने मानसून के दौरान नदियों के पास न जाने की चेतावनी जारी की है.

विज्ञापन

गुमला: सदर थाना क्षेत्र के सांवरिया निवासी जीतराम भगत की तीन वर्षीय पुत्री अगस्ती कुमारी की बांकी नदी में डूबने से असमय मौत हो गयी. घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना की सूचना मिलने के बाद रविवार को पुलिस टीम के साथ पहुंचे एसआई मंगल टुडू ने बच्ची के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये सदर अस्पताल गुमला भेज दिया है और मामले की कानूनी छानबीन शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार शनिवार को पूरा परिवार खेत में धान की रोपाई के लिये गया हुआ था. दोपहर लगभग दो बजे मृत बच्ची अपने बड़े भाई बासु भगत के साथ खाना खाने बैठी थी. इसी दौरान पिता जीतराम भगत घर पर दवा खाने चले गये. पिता के जाने के बाद खेलती हुई बच्ची अनजाने में पास स्थित बांकी नदी की तरफ निकल गयी. खेत लौटने पर जब बच्ची नहीं मिली, तो उसकी खोजबीन शुरू की गयी.

शनिवार शाम तक स्थानीय प्रशासन की मदद से तलाश जारी रही, लेकिन बच्ची का कोई अता-पता नहीं चला. इसके बाद रविवार सुबह पुन: गहन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके बाद बच्ची का बेजान शव बांकी नदी से बरामद हुआ. गौरतलब है कि जिले में पिछले दो-तीन दिनों से मानसून बेहद सक्रिय है.

लगातार हो रही भारी बारिश के कारण क्षेत्र की तमाम नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी के लिये अलर्ट जारी कर रखा है और लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियां और नदी तटों के पास न जायें. बावजूद इसके, थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसों की वजह बन रही है.


विज्ञापन
दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola